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गोधन न्याय योजना में लापरवाही, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी निलंबित और पिस्दा को नोटिस

जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने बालोद विकासखंड के बरही क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और बरही एवं सांकरा गौठान के नोडल अधिकारी हर्ष कुमार सोनकर को गोधन न्याय योजना के कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है।

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गोबर खरीदी किए बिना 70 किलो गोबर खरीदी की एंट्री ऑनलाइन पोर्टल में

गोधन न्याय योजना में लापरवाही, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी निलंबित और पिस्दा को नोटिस

बालोद. जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने बालोद विकासखंड के बरही क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और बरही एवं सांकरा गौठान के नोडल अधिकारी हर्ष कुमार सोनकर को गोधन न्याय योजना के कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम पंचायत बरही के आश्रित ग्राम कांडे के पशुपालकों का गोधन न्याय योजना में पंजीयन एवं गोबर खरीदी नहीं होने एवं 19 जून को 5 पशुपालकों का पंजीयन कर गोबर खरीदी किए बिना 70 किलो गोबर खरीदी की एंट्री ऑनलाइन पोर्टल में की गई है। उन्होंने बताया कि 21 जून को कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने सांकरा क गौठान के निरीक्षण के दौरान गोबर विक्रेता रेणु तारम का 60 क्विंटल गोबर बिक्री की राशि अप्राप्त पाई गई। जो अपने कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही है।

तत्काल प्रभाव से निलंबित
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सोनकर को अपने कत्र्तव्यों के प्रति रुचि नहीं लेने, घोर लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के प्रावधान अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि मेें इनका मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी कृषि बालोद निर्धारित किया गया है।

नोटिस का जवाब तीन दिन में मांगा
डॉ. श्रीवास्तव ने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड बालोद केआर पिस्दा ने गोधन न्याय योजना के कार्यों का नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग नहीं करने के कारण इस कृत्य को राज्य शासन के फ्लैगशिप योजना के सफल क्रियान्वयन के प्रति गंभीर उदासीनता मानते हुए उनके विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब पत्र प्राप्ति के 3 दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।