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पुत्र मोह में सरपंच को गंवानी पड़ी कुर्सी, पंचों ने रखी भ्रष्टाचार के जांच की मांग

गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत सनौद सरपंच बिमला बाई यादव के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें सरपंच के पक्ष में दो वोट और विपक्ष में 10 वोट डाले गए। इसके कारण सरपंच को अपनी कुर्सी छोडऩी पड़ी।

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सनौद के सरपंच पुत्र की मनमानी से परेशान 10 पंचों ने महिला सरपंच के खिलाफ लाया अविश्वास प्रस्ताव

ग्राम पंचायत सनौद के पंच पहुंचे जनपद पंचायत गुंडरदेही

बालोद/गुंडरदेही. गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत सनौद सरपंच बिमला बाई यादव के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें सरपंच के पक्ष में दो वोट और विपक्ष में 10 वोट डाले गए। इसके कारण सरपंच को अपनी कुर्सी छोडऩी पड़ी। बता दें कि ग्राम पंचायत की सरपंच के खिलाफ पंचों ने एसडीएम को अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन दिया था। जनपद पंचायत में हुए फ्लोर टेस्ट में मतदान किया गया, जिसके बाद सरपंच को अपनी कुर्सी से हाथ गंवाना पड़ा। इसके कारण सरपंच पुत्र की क्षेत्र में जमकर चर्चा है। दरअसल सरपंच के पुत्र की मनमानी और भ्रष्टाचार से खफा पंचों ने पुत्र के चलते सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया।

सरपंच पुत्र और सरपंच पर मनमानी और भ्रष्टाचार करने का आरोप
पंचों ने कहा कि महिला सरपंचों को सरपंच से हटाने के बाद भ्रष्टाचार पर जांच नहीं होना, कहीं ना कहीं स्थानीय प्रशासन की मिली भगत को दर्शाता है। राज्य शासन की कई सारी योजनाओं के पैसे की बंदरबाट गुंडरदेही जनपद पंचायत में हुई है।

सरपंच पर जानें क्या-क्या आरोप लगाए गए
सरपंच बिमला बाई यादव के द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्माण नहीं करने, सरपंच पुत्र रवि यादव द्वारा अपने मां के सरपंच पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय योजना से निर्मित कार्यों के भुगतान को बाधित करना, कमीशन की मांग करते हुए हस्ताक्षर की बात करना और पंचों द्वारा बोलने पर वाद विवाद की स्थिति निर्मित करना, सरपंच पुत्र रवि यादव द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों के साथ दुव्र्यवहार करना और दादागिरी तरीके से निर्माण कार्य कराया जाना।

इस मामले को लेकर पंच कर सकते हैं धरना प्रदर्शन
सरपंच एवं उनके पुत्र रवि यादव द्वारा 14वें /15वें वित्त आयोग की राशि का बगैर पंचायत प्रस्ताव अनुमोदन के बिना प्रस्ताव/ बिल के 357276रुपए का फर्जी भुगतान का राशि गबन किया है। सरपंच को ग्राम पंचायत बैठक के माध्यम से पंचों द्वारा पंचायत की मूलभूत समस्याओं पानी, विद्युत, पोल में बिजली की व्यवस्था, साफ-सफाई आदि समस्याओं को बताने पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है, जो कि अनुचित है। प्रस्ताव लाने वाले पांचों में चंद्रभान साहू, कन्हैया ठाकुर, सेतराम साहू, केश कुमार, योगेश्वरी यादव, रमीजा बेगम, चमेली चंदेल, खेमिन बाई, तुलसी बाई व निर्मला बाई शामिल रहीं।