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PM सूर्य घर योजना में धीमी रफ्तार! 687 घरों तक पहुंचा सोलर, बिल में राहत के बावजूद प्रचार-प्रसार कम

PM Surya Ghar Yojana: बालोद जिले में पीएम सूर्यघर योजना अंतर्गत विभागीय प्रचर प्रसार के बावजूद लोगों में जगरूकता की कमी देखी जा रही है।

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PM सूर्य घर योजना में धीमी रफ्तार! 687 घरों तक पहुंचा सोलर, बिल में राहत के बावजूद प्रचार-प्रसार कम(photo-patrika)

PM सूर्य घर योजना में धीमी रफ्तार! 687 घरों तक पहुंचा सोलर, बिल में राहत के बावजूद प्रचार-प्रसार कम(photo-patrika)

PM Surya Ghar Yojana: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पीएम सूर्यघर योजना अंतर्गत विभागीय प्रचर प्रसार के बावजूद लोगों में जगरूकता की कमी देखी जा रही है। जिला प्रशासन भी लोगों को जागरूक करने पहले शासकीय कार्यालयों में भी योजना के तहत सोलर पैनल लगवा रहे हैं। विद्युत विभाग के आंकड़े देखें तो अभी तक जिले में मात्र 687 घरों में ही पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल लगा है।

हालांकि जिनके घर यह सिस्टम लगा है, उनका कहना है कि यह सिस्टम बहुत ही अच्छा है। इसे हर घर में लगवाना चाहिए। वहीं विद्युत विभाग का कहना है कि इस योजना के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा हैं जो लोग योजना को समझ चुके हैं, वे आवेदन दे रहे हैं। योजना में तेजी लाने अधिक प्रचार-प्रसार की जरूरत है।

PM Surya Ghar Yojana: सबसे ज्यादा गुरुर ब्लॉक में लगाया गया यह सिस्टम

इस योजना के तहत सबसे ज्यादा गुरुर ब्लॉक के लोगों ने अपने घरों में सिस्टम लगाया है। गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम कचांदुर में भी लोगों ने सिस्टम लगवाया है। इस गांव में लगभग 12 घरों में सिस्टम लगा है। छतों पर सोलर रूफ टॉप सिस्टम लगाने से लोगों को बिजली बिल से राहत मिलने के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है।

जो सक्षम वही ज्यादा दिखा रहे रुचि

योजना अच्छी है, लेकिन शासन से सब्सिडी के बावजूद जो लोग सक्षम हैं, वही इसका लाभ ले रहे हैं। सामान्य व्यक्ति भी इस सिस्टम को लगा सकते हैं, लेकिन उसे योजना के बारे में पूरी जानकारी नहीं है।

बिजली बिल का बोझ होता है कम

पीएम सूर्य घर योजना आम नागरिकों के लिए बड़ी राहतभरी साबित हो रही है। इससे बिजली बिल का बोझ कम होता और भविष्य के लिए यह उपयोगी निवेश भी है। उन्होंने अन्य लोगों से भी सौर ऊर्जा अपनाने की अपील की है, जिससे ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में सामूहिक प्रयास हो सके।

जिला पंचायत हो रहा सौर ऊर्जा से रौशन

जिला प्रशासन ने जिला पंचायत कार्यालय की छत पर यह सिस्टम लगाया है। इससे पूरे जिला पंचायत में बिजली सप्लाई होती है। सबसे बड़ी बात यह है बिजली बंद होने पर भी बिजली सप्लाई होती रहती है।

सोलर सिस्टम पर मिल रही सब्सिडी

योजना के तहत सोलर रूफ टॉप सिस्टम लगाने पर सरकार आकर्षक सब्सिडी दे रही है। इसमें एक किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम पर लगभग 45 हजार रुपए, 2 किलोवाट क्षमता पर लगभग 90 हजार रुपए और 3 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम पर लगभग एक लाख 8 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। आम नागरिकों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना पहले की तुलना में अधिक आसान और किफायती बन गया है।

लोगों को योजना से जोडऩे के लिए बैंकों के माध्यम से कम ब्याज दर पर आसान किस्तों में ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आम नागरिकों के लिए सोलर सिस्टम लगवाना पहले की तुलना में अधिक सरल और किफायती हो गया है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में योजना प्रदेश में नई संभावनाएं खोल रही है और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। जिले में अभी तक 687 घरों में यह सिस्टम लगाया जा चुका है। योजना के प्रति लोगों में जगरूकता आ रही है।