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तेज धूप में तप रहे आंगनबाड़ी के छोटे बच्चे, कुछ पालकों ने भेजना किया बंद

स्कूलों में गर्मी की छुट्टी है, लेकिन आंगनबाड़ी में छोटे बच्चों को तपती गर्मी में केंद्र में बुलाया जा रहा है। हालांकि आंगनबाड़ी केंद्रों का समय सुबह 7 से 11 बजे तक है। वहीं डौंडी ब्लॉक में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन दोपहर तीन बजे तक हो रहा है। बच्चों की छुट्टी 11 बजे तक हो जाती है, लेकिन केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दोपहर 2 बजे तक अनिवार्य रूप से बैठ रहे हैं।

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छोटे बच्चों पर सितम: सुबह 11 बजे पारा 40 डिग्री होता है, बोले-घर भेजें पोषण

मासूम बच्चों को तपती दोपहरी में घर जाने की मजबूरी।

बालोद . स्कूलों में गर्मी की छुट्टी है, लेकिन आंगनबाड़ी में छोटे बच्चों को तपती गर्मी में केंद्र में बुलाया जा रहा है। हालांकि आंगनबाड़ी केंद्रों का समय सुबह 7 से 11 बजे तक है। वहीं डौंडी ब्लॉक में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन दोपहर तीन बजे तक हो रहा है। बच्चों की छुट्टी 11 बजे तक हो जाती है, लेकिन केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दोपहर 2 बजे तक अनिवार्य रूप से बैठ रहे हैं। जबकि सुबह 9 बजे के बाद तेज धूप से सभी परेशान रहते हैं। सुबह 10 बजे पारा 39 से 40 डिग्री तक पहुंच जाता है। दोपहर 2 बजे करीब पारा 43 डिग्री तक पहुंच रहा है। वहीं जिले के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की संख्या भी कम हो गई है। हर आंगनबाड़ी केंद्रों में मात्र 5 से 10 बच्चे केंद्र पहुंच रहे हैं। मामले में पालकों ने कहा कि बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाला पूरक पोषण आहार अब घरों में दिया जाए। लेकिन चिलचिलाती गर्मी में बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र में बुलाना ठीक नहीं है। तेज धूप का कहर कभी भी हमारे बच्चों के लिए खतरा साबित हो सकता है।

अधिकारी एसी में, बच्चे नंगे पैर आ रहे हैं केंद्र
सुबह 7 से 8 बजे के बीच आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे केंद्र पहुंच जाते है। तब तक तो ठीक है। लेकिन सुबह 11 बजे केंद्र से बच्चों को छुट्टी दी जाती है। उस समय गर्मी चरम पर रहती है। ऐसे में कई बच्चे नंगे पैर चलकर अपने घर जाते हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारी एसी कूलर में ठंडी हवा लेते हंै। इस पर शासन - प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

80 आंगनबाड़ी में नहीं है बिजली
महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी ने बताया कि जिले के लगभग 80 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं। जहां विद्युतीकरण नहीं हुआ है। जानकारी यह भी मिल रहा है कि विद्युतीकरण की प्रक्रिया एक साल से चल रही है। वहीं विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी यह नहीं बता पा रहे हैं कि आखिर कब तक विद्युतीकरण पूर्ण हो जाएगा।

बिगड़ रहा स्वास्थ्य
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दबी जुबान से कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में सुबह 8 बजे बच्चे जरूर आ रहे हैंं। तेज गर्मी का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। क्योंकि कई केंद्रों में पंखें तक नहीं है।

विद्युतीकरण कराने का प्रयास किया जा रहा
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी एचके राठौर ने बताया कि शासन के आदेशानुसार आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन कराया जा रहा है। जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युतीकरण नहीं हुआ है, उनकी सूची बनाकर विद्युतीकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है।