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700 की आबादी वाले ग्राम बोरी की गलियां सनी रहती है कीचड़ से

छत्तीसगढ़ राज्य बने लगभग 22 साल हो गए हैं। लेकिन डौंडीलोहारा विकासखंड की ग्राम पंचायत कसहीकला की 700 की जनसंख्या वाले आश्रित ग्राम बोरी की गलियों की सूरत नहीं बदली है।

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पैदल चलना भी मुश्किल: जिपं अध्यक्ष बोलीं- गांव प्राथमिकता में, राशि स्वीकृत जल्द शुरू होग कार्य

बारिश के दिन में इस तरह की रहती है स्थिति।

बालोद. छत्तीसगढ़ राज्य बने लगभग 22 साल हो गए हैं। लेकिन डौंडीलोहारा विकासखंड की ग्राम पंचायत कसहीकला की 700 की जनसंख्या वाले आश्रित ग्राम बोरी की गलियों की सूरत नहीं बदली है। इस गांव की सूरत बदलने जिला पंचायत सदस्य संध्या भारद्वाज ने गोद लिया था। कहा था कि जिला पंचायत का चुनाव जीत गई तो गांव की गलियों को सीमेंटीकरण करवाऊंगी। उन्हें चुनाव जीते लगभग तीन साल हो गए। न गांव की गलिया पक्की हुई और न ही नाली निर्माण हुआ। बारिश के दिनों में गलियां कीचड़ से सराबोर रहती हैं।

ग्रामीण जनप्रतिनिधि से नाराज
ग्राम बोरी के ग्रामीणों ने बताया कि संध्या भरद्वाज ने अभी तक अपना वादा पूरा नहीं किया है। इससे उनके प्रति नाराजगी है। चुनाव जीतने के बाद इस गांव में दोबारा नहीं लौटी और ना ही गांव की पूछ परख की।

गांव का जल्द विकास, 10 लाख से स्वीकृत
जिला पंचायत सदस्य संध्या भरद्वाज ने कहा कि कोरोना काल की वजह से पहले स्वीकृत राशि किसी कारण से इधर उधर हो गई। इस बार फिर राशि मिल चुकी है। हमारी प्राथमिकता में ग्राम बोरी के ग्रामीणों की मांग है। नाली निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार व गली सीमेंटीकरण के लिए चार लाख की राशि स्वीकृत हुई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। आज भी गांव की गलियों में सालभर कीचड़ एवं रात में स्ट्रीट लाइट बंद होने से अंधेरा रहता है। गांव की मुख्य गली में लगभग 200 मीटर तक दलदल है। यहां पैदल तो दूर गाडिय़ों से भी गुजरना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने सीमेंटीकरण की मांग सरपंच व जनपद पंचायत से की है।

17 वर्षों से चल रही है मांग
ग्रामीण माधव ने बताया कि गांव की यह समस्या 17 वर्षों से है। गांव में ठीक से नाली नहीं बनने के कारण हालत दयनीय हो जाती है, लेकिन गर्मी में नालियों से पानी गलियों में बहता है। जिससे गली में कीचड़ से रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि जब चुनाव आता है तो प्रत्याशी सीमेंटीकरण करने का वादा करते हैं। जीतने के बाद गांव की सुध लेने भी नहीं आते हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से सीमेंटीकरण की मांग की है। ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

रात में रहता है अंधेरा
ग्रामीण मदन ने बताया कि गांव की गलियों में बिजली खंभे हैं, लेकिन लाइट नहीं लगी है। स्ट्रीट लाइट की मांग वर्षों से कर रहे हैं। रात में कीचड़ भरी गलियों में जहरीले कीड़े-मकोड़ों का डर रहता है। कभी गांव की समस्या झांकने तक नहीं आते।

प्रस्ताव बना कर जनपद को भेजा गया है
कसहीकला (बोरी) सरपंच बिसाहू राम ठाकुर का कहना है कि गांव की समस्या से सभी अवगत हैं। गली की स्थिति से जनपद के अधिकारियों को अवगत कराया है। सीमेंटीकारण के लिए प्रस्ताव बना कर जनपद को भेजा गया है।


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