7 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लापरवाही: तालाबों को भरने छोड़ा पानी केनाल की सफाई नहीं होने से बेकार बह गया

जल संकट को देखते हुए लोगों की मांग पर तांदुला जलाशय से अब तक 15 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा चुका है।

2 min read
Google source verification
Balod news

बालोद. पानी की उपयोगिता को लेकर ग्राम पंचायतें, आम लोग सजग है और ना ही जल संसाधन विभाग। जलाशय से लेकर बालोद हो या दुर्ग जिले तक कई जगहों पर बहते पानी की शिकायतों के बावजूद जल संसाधन विभाग गंभीर नहीं है। पानी छोडऩे से पहले मुख्य केनाल की सफाई नहीं कराई, तो वहीं कई जगहों पर छोटे नहरों के तटबंध के टूट-फूट पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वहीं इनका गहरीकरण नहीं कराया। जबकि जल संकट को देखते हुए लोगों की मांग पर तांदुला जलाशय से अब तक १५ क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा चुका है।

अब तक छोड़े जा चुके 8 प्रतिशत पानी
जानकारी अनुसार लगभग १२ दिनों में तांदुला जलाशय में मौजूद रहे ३१ प्रतिशत पानी में से ८ प्रतिशत पानी छोड़ा जा चुका है। पर केनाल के मरम्मत पर ध्यान नहीं देने से कीमती पानी ग्राम पड़कीभाट, लाटाबोड़, सिकोसा सहित कई गांवों और भिलाई के रिसाली, हुडको में नहर का बंधन टूट जाने से पानी बेकार बह रहा है। यहां केनाल की हालत खस्ता है और तटबंध जगह-जगह फूटी हुई। वहीं केनाल में कचरा जाम होने की वजह से इस बार भी पानी का बहाव प्रभावित हुआ है जो सीधे आस-पास के मैदानों में या खेतों में भर रहा है।

हर साल बर्बाद होता है पानी
उदासीनता की वजह से निस्तारी के लिए छोड़ा गया लाखों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। पिछले साल हिन्द नगर, शक्ति विहार, लक्ष्मी नगर के खाली पड़े जगहों पर भरे पानी को सूखने में १५-२० दिन लगे थे। अवधपुरी और रुआबंाधा मार्केट क्षेत्र के गड्ढे भी लबालब हो गए थे। तब शिकायत पर तांदुला जल संसाधन विभाग के एसडीओपी ने तटबंध का मरम्मत और गहरीकरण की बात कही थी। इसके बावजूद रिसाली डायवर्सन की सफाई और गहरीकरण को लेकर कोई प्रयास नहीं हुआ।

जानबूझकर तोड़ते हैं तटबंध
भिलाई रुआबांधा के लोगों का कहना है कि कुछ लोग अपने फायदे के लिए जानबूझकर नहर के तटबंध को तोड़ देते हैं। रुआबांधा सेक्टर निवासी अमन तिवारी का कहना है रिसाली जोन में अवैध डेयरी संचालित है। डेयरी मालिक अपने मवेशियों की निस्तारी के लिए गड्ढे में पानी भरने तटबंध को तोड़ देते हैं या फिर गेट को खोल देते हैं। तटबंध को तोड़ देने से पानी आसपास के गड्ढे में भर जाता है। जहां उनकी भैंसें गर्मी में बैठे रहती है।

माइनर में है जगह-जगह कब्जे

तांदुला जल संसाधन विभाग ने तालाबों को भरने के लिए पानी छोड़ा है, लेकिन माइनर पर जगह-जगह कब्जा होने की वजह से पानी तालाबों तक नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं कई जगह से टूटी नहर के तटबंध के मरम्मत पहल नहीं करने से लाखों लीटर पानी बेकार चला गया। भिलाई के रूआबांधा सेक्टर के बैक लाइन एरिया के गड्ढे पानी से लबालब हो गया।

यहां ध्यान देने की है जरूरत
मुख्य केनाल की सफाई व बालोद क्षेत्र के ग्राम ग्राम पड़कीभाट, लाटाबोड़, सिकोसा भिलाई के हिन्द नगर तालाब, आजाद मार्केट रिसाली से रुआबांधा सेक्टर, रुआबांधा बस्ती, आमदी नगर हुडको डायवर्सन कचरे से अटा पड़ा है। इससे रुआबांधा, तालपुरी, हुडको के तालाबों को भरा जाता है।बोगदा पुल जामुल से घासीदास नगर कुरुद डायवर्सन की सफाई नहीं हुई है। इस डायवर्सन से घासीदास नगर, हाउसिंग बोर्ड, कैलाश नगर, कुरुद बस्ती ७ तालाबों में पानी भरा जाता है। समोदा डायर्सन नेहरू नगर,स्मृति नगर, जुनवानी, खम्हरिया, जेवरा।