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तांदुला डैम का जलस्तर डेड एंड पर… बचा पानी पीने के लिए संरक्षित

इस साल जिले में संभावित अकाल स्थिति बन रही है। बारिश को लेकर जहां जिले के अन्नदाता किसान परेशान है वहीं जिले के जलाशयों का जल स्तर भी कम हो रहा है। किसान अच्छी बारिश के लिए भगवान इंद्रदेव से पानी बरसाने प्रार्थना कर रहे हैं।

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तांदुला डैम का जलस्तर डेड एंड पर... बचा पानी पीने के लिए संरक्षित

बालोद @ patrika . इस साल जिले में संभावित अकाल स्थिति बन रही है। बारिश को लेकर जहां जिले के अन्नदाता किसान परेशान है वहीं जिले के जलाशयों का जल स्तर भी कम हो रहा है। किसान अच्छी बारिश के लिए भगवान इंद्रदेव से पानी बरसाने प्रार्थना कर रहे हैं। बीते साल की तुलना में इस साल बहुत कम बारिश हुई है, वहीं जलाशय भी प्यासे है।

इस बार किसानों को नहीं मिलेगा पानी
सूखे की स्थिति में किसानों को जलाशयों से पानी दिया जाता रहा है। जिले के जलाशयों की स्थिति को देखते हुए किसानों को खेती के लिए पानी मांगने पर भी इस बार नहीं मिलेगा।

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14 फीट ही बचा पानी

तीन जिलों की प्यास बुझाने वाला तांदुला जलाशय में पानी बहुत कम है। यदि बारिश नहीं हुई तो खेतों को पानी देने की बात तो दूर है पेयजल की भी समस्या गर्मी में गंभीर हो सकती है। स्थिति ऐसी निर्मित हो रही है कि किसानों को फसलों के लिए जलाशय से पानी मांगने पर भी पानी नहीं मिल पाएगा। जिले के प्रमुख जलाशय ही वर्तमान में प्यासे है। तांदुला जलाशय बीते साल जहां आज की स्थिति में जहां 18.80 फीट थे वहीं इस साल तांदुला जलाशय में 14 फीट ही पानी है। वहीं बीते साल गोंदली जलाशय में 22 फीट पानी था। पर बारिश नहीं होने से इस बार गोंदली जलाशय में मात्र 16.80 फीट ही पानी है।

अब तक बारिश की स्थिति
बी ते साल 24 जुलाई 2018 की स्थिति में जमकर बारिश हुई थी। 24 जुलाई को जिलेभर में
औसत 34 मिमी बारिश हुई थी। पर इस साल 24 जुलाई 2019 में बूंदभर बारिश नहीं हुई।
24 जुलाई 2018 की स्थिति में 454.6 मिमी बारिश।
24 जुलाई 2019 तक 268 मिमी ही बारिश हुई है।