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Breaking : केरोसीन लेकर आत्मदाह करने बीईओ कार्यालय पहुंची महिला शिक्षाकर्मी, फिर क्या हुआ…

डौंडीलोहारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला शिक्षाकर्मी केरोसीन लेकर आत्मदाह करने पहुंच गई।
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बालोद

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 8 Aug 2018, 7:00 PM IST

Balod BEO

केरोसीन लेकर आत्मदाह करने बीईओ कार्यालय पहुंची महिला शिक्षाकर्मी, तो सबके के होश उड़ गए

बालोद/डौंडीलोहारा. बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला शिक्षाकर्मी केरोसीन लेकर आत्मदाह करने पहुंच गई। महिला केरोसीन उड़ेल कर आत्मदाह कर पाती इसके पहले वहां उपस्थित लोगों ने उसे बचा लिया। ग्राम नाहन्दा निवासी व शास प्राथमिक शाला बहेराभाटा में शिक्षाकर्मी वर्ग-तीन में पदस्थ महिला रेणुका पटेल साथ में मिट्टी का तेल लेकर आत्मदाह करने बीईओ कार्यालय पहुंच गई थी।

पदोन्नति सूची में इस महिला शिक्षाकर्मी का नाम पहले नंबर पर था

दरअसल मामला शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2013 में जारी पदोन्नति सूची में गड़बड़ी व घालमेल से संबंधित हैं। सूची में इस महिला शिक्षाकर्मी का नाम पहले नंबर पर था। यह विडंबना है कि सूची जारी होने के पांच साल बाद पदोन्नति आदेश नहीं मिला है। विभाग के जिम्मेदार इस संबंध में कोई जानकारी भी नहीं दे रहे हैं। महिला शिक्षाकर्मी का कहना है कि पिछले पांच सालों से विभिन्न जगहों पर आवेदन दे-देकर आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान होने के बाद मजबूरी में यह कदम उठाने जा रही थी।

तत्कालीन बीईओ व एबीईओ पर गंभीर आरोप
मामले में पीडि़त महिला शिक्षाकर्मी रेणुका पटेल ने बताया कि वह 24 मार्च 1999 से प्राथमिक शाला बहेरा भाठा में वर्ग 03 में पदस्थ है। डौंडीलोहारा शिक्षा विभाग द्वारा जनवरी 2013 को पदोन्नति सूची जारी की गई जिसमें वर्ग 03से वर्ग 02 में पदोन्नति हेतु उनका नाम पहले स्थान पर था परंतु इसके बावजूद वरिष्ठता सूची में पहला स्थान होने के बाद भी तत्कालीन बीईओ बीके जोशी व सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी वाईके दिल्लीवार द्वारा उन्हें पदोन्नति का आदेश पत्र प्रदान नहीं दिया गया।

निचले क्रम में रहे छह साल जूनियर शिक्षाकर्मी पदोन्नत

जबकि उनसे निचले क्रम में रहे छह साल जूनियर शिक्षाकर्मी महेश कुमार सिन्हा प्राथमिक शाला चिखली, नागेंद्र सिन्हा प्राथमिक शाला पिपरखार,रागिनी रजक प्राथमिक शाला बोइरडीह, योगेन्द्र कुमार प्राथमिक शाला व नूतन लाल चुरेन्द्र प्राथमिक शाला सहगाव को पदोन्नत किया गया है। इसी तरह से वरीयता सूची में द्वितीय क्रम की गिरिजा देवांगन को भी पदोन्नत किया गया है। परंतु उनका नाम आने के बाद भी अब तक उन्हें पदोंन्नति नहीं मिली है। इसके लिए वह पिछले पांच सालों से जनपद से लेकर जिला पंचायत के चक्कर काट रही है।

लेनदेन का आरोप

उन्होंने इस मामले में तत्कालीन बीईओ कार्यालय के कर्मचारियों, जनपद व जिला पंचायत के भी तत्कालीन जिम्मेदारों की मिलीभगत व लेनदेन का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले में शामिल जिम्मेदारों पर कड़ी कार्यवाही की मांग कलक्टर जनदर्शन में आवेदन सौंप कर की है। उनके आवेदन पर कलक्टर ने बीईओ आरसी देशलहरा को जांच का आदेश दिया था। कलक्टर ने निर्देश पर क्या जांच हुई है इसकी जानकारी नहीं मिलने पर 31 जुलाई को बीईओ को रिमांडर पत्र भी लिखा गया है।

ये कह रहे जिम्मेदार

मामला मेरे कार्यकाल का नहीं

विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरसी देशलहरा ने कहा कि मामला मेरे कार्यकाल का नहीं होने के कारण ज्यादा जानकारी नहीं है। मामले में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

दस्तावेज बीईओ कार्यलय में

तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी बीके जोशी ने कहा कि मामला पांच वर्ष पुराना होने के कारण इस संबंध में कोई जानकारी दे पाना संभव नहीं है। जानकारी व दस्तावेज बीईओ कार्यलय में होने के कारण वही जानकारी दे सकते है।