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विश्व फोटोग्राफी दिवस: शिक्षिका ने की छत्तीसगढ़ी वेशभूषा को बढ़ावा देने पहल

विश्व फोटोग्राफी दिवस और बैग लेस डे पर शनिवार को मिडिल स्कूल मटिया में बच्चों के बीच छत्तीसगढ़ी वेशभूषा को बढ़ावा देने अनोखी पहल शुरू की गई। पहल शिक्षिका पुष्पा चौधरी ने की। आधुनिकता में विलुप्त हो रहे छत्तीसगढ़ी श्रृंगार और वेशभूषा को प्राथमिकता दी जा रही है।

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बच्चे अलग-अलग वेश में पहुंचे स्कूल, छत्तीसगढ़ के सवांगा को मिली प्राथमिकता

बच्चे अलग-अलग वेश में पहुंचे स्कूल

बालोद. विश्व फोटोग्राफी दिवस और बैग लेस डे पर शनिवार को मिडिल स्कूल मटिया में बच्चों के बीच छत्तीसगढ़ी वेशभूषा को बढ़ावा देने अनोखी पहल शुरू की गई। पहल शिक्षिका पुष्पा चौधरी ने की। आधुनिकता में विलुप्त हो रहे छत्तीसगढ़ी श्रृंगार और वेशभूषा को प्राथमिकता दी जा रही है। वह स्वयं भी स्कूल में छत्तीसगढ़ी वेशभूषा पहनकर आती हैं। बच्चों को इसी तरह के वेशभूषा में आने प्रोत्साहित किया गया।

फोटो शूट व फैंसी शो प्रतियोगिता हुई
विश्व फोटोग्राफी दिवस मनाते हुए उन वेशभूषा के साथ बच्चों की तस्वीर ली गई। इस पल को यादगार बनाया गया। विभिन्न किरदारों के साथ फोटो शूट एवं फैंसी शो प्रतियोगिता भी हुई। विभिन्न वेशभूषा में बच्चे रंग-बिरंगे नजर आ रहे थे। पुष्पा चौधरी के मार्गदर्शन में विभिन्न संस्कृति से रूबरू कराते हुए छत्तीसगढ़ के सवांगा एवं वेशभूषा को आगे बढ़ाने की नई पहल की है।

महापुरुषों के मार्ग पर चलने कराई गतिविधि
बच्चों ने अपने-अपने किरदारों के विषय में दो चार पंक्ति बोल कर उनके बारे में जानकारी दी। शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति, अपने महापुरुषों, विभिन्न शिक्षाविदों के किरदारों के कर्मों, विचारों को आत्मसात कर बताए हुए मार्ग पर चलने, उनके जीवन से शिक्षा प्राप्त करने गतिविधि कराई गई।

नए-नए विषयों पर दी जाती है शिक्षा
मिडिल स्कूल मटिया में प्रत्येक शनिवार को बैग लेस डे के अंतर्गत बच्चों को नए-नए विषयों पर शिक्षा दी जाती है। इसी तारतम्य में बच्चों की गतिविधि सराहनीय होती है। शिक्षा के साथ बच्चों को आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति, पूर्वजों एवं महापुरुषों के किरदारों से जोड़कर उनके जीवन के बारे में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया जाता है।

शिक्षा के साथ कराई जा रही कई गतिविधि
शिक्षा के साथ, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधि, मूर्तिकला, क्रॉफ्ट आर्ट, सीख सकें, इस उद्देश्य से ये गतिविधियां कराई जाती है। आयोजन में प्रधानपाठक डीएस चंद्राकर, शिक्षक परमानंद, अर्चना साहू, एसएमसी शिक्षाविद डीडी यदु, शितेश चौधरी, सुनीता यादव, पुष्पा साहू, नीता चौधरी, खिलेश्वरी, डिधेश्वरी साहू, खिलेश्वरी नेताम उपस्थित रही।