
भाटापारा में सांडों का आतंक (Photo source- Patrika)
bullfighting: शहर में आवारा सांडों की लड़ाई आम लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। आए दिन प्रमुख सड़कों, चौराहों और बाजारों में इन सांडों की भिड़ंत से राहगीर चोटिल हो रहे हैं और यातायात बाधित हो रहा है। स्थिति यह हो गई है कि शहर का हर मुख्य मार्ग जैसे अखाड़ा बन गया है, जहां सांडों और बैलों का जमावड़ा देखा जा सकता है।
महिलाएं, बच्चे और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इन पशुओं की आक्रामकता के कारण दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। कई बार ये सांड एक-दूसरे से भिड़ जाते हैं और उनकी लड़ाई की चपेट में आकर लोग घायल हो जाते हैं। वाहनों को भी नुकसान हो रहा है, वहीं पैदल चलने वाले भी सुरक्षित नहीं हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर नहीं है, जिससे इन पशुओं का जमावड़ा निरंतर बढ़ता जा रहा है। आए दिन हो रही (bullfighting) दुर्घटनाओं और आमजन की परेशानी को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि नगरपालिका और संबंधित विभाग इस दिशा में तत्काल ठोस कार्ययोजना बनाएं। शहरवासियों की मांग है कि आवारा गोवंश को नियंत्रित करने ठोस कदम उठाए जाएं।
CG News: स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बस स्टैंड, कृषि मंडी, सदर बाजार, महारानी चौक, सब्जी मार्केट और लगभग हर चौक-चौराहे पर गोवंश की भारी संख्या में उपस्थिति देखी जा रही है। ये न सिर्फ यातायात को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि फल-सब्जी विक्रेताओं और ग्राहकों को भी भारी दिक्कत हो रही है।
Updated on:
17 Jul 2025, 10:29 AM IST
Published on:
17 Jul 2025, 10:26 AM IST
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