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रामभरोसे प्राधिकरण के बस स्टैंड, करोड़ों रुपए की लागत से बने बस स्टैंड जर्जर

यूपी का एक ऐसा शहर जिसकी तुलना विदेशों से की जाती है उस शहर का नाम ग्रेटर नोएडा है और उसे स्मार्ट सिटी कहा जाता है, ग्रेटर नोएडा का नाम यूं ही स्मार्ट नहीं पड़ा है इसकी सड़कें और हरियाली और पेड़ पौधों से भरा स्वच्छ ग्रेटर नोएडा कहां जाता है, लेकिन कुछ तस्वीरें ग्रेटर नोएडा की ऐसी है|

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यूपी में अगर विकास की बात होती है तो सबसे पहले यूपी का ग्रेटर नोएडा का नाम आता है ग्रेटर नोएडा को स्मार्ट सिटी

कहा जाता है और लंबी सड़कें और स्वच्छता के नाम पर जाना जाता है ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा में स्मार्ट सड़के बनी हुई है|

और आधुनिक तकनीकी से ग्रेटर नोएडा को विकसित किया गया है, ग्रेटर नोएडा व शहर है जिस शहर को एयरपोर्ट मिला है जिस शहर को फिल्म सिटी मिल रही है और विदेशों से भी ज्यादातर निवेश ग्रेटर नोएडा में ही किया जाता है |

उस ग्रेटर नोएडा की एक ऐसी तस्वीर दिखाएंगे जिसको प्राधिकरण द्वारा बनाया गया है और उसकी अब हालात है वह जर्जर हो चुकी है,स्मार्ट सड़कों पर बने बस स्टैंड के हालात देखने के लायक हैं, इनकी कोई मरम्मत नहीं कर रहा है।

प्राधिकरण ने करोड़ों रुपए की लागत से हाईवे बनाए सड़के बनाई और स्वच्छता का खास तौर से ध्यान रखा गया है| लेकिन प्राधिकरण हाईवे और सड़कों पर बने बस स्टैंड की मरम्मत करना भूल चुका है,बस स्टैंड की छते टूटी हुई है| करोड़ों रुपए की लागत से बस स्टैंड बनाए गए हैं,परी चौक से लेकर सूरजपुर तक जितने भी बस स्टैंड बने हुए हैं वह पूरी तरह से टूट चुके हैं और उनकी मरम्मत बिल्कुल नहीं की जा रही है|

सवाल ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विकास कार्यों पर खड़ा होता है आखिर बड़े-बड़े दावे करने वाली प्राधिकरण इन बस स्टैंड की मरम्मत क्यों नहीं करा सकी,जो बस स्टैंड बने हुए हैं वह राम भरोसे चल रहे हैं कोई भी व्यक्ति वहां पर बैठ नहीं सकता है बस स्टैंड कभी भी कर सकते हैं और कोई भी दुर्घटना हो सकती है।

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