
CG News: शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है। इस बीच शादी न होने से नाराज एक युवक ने अपने समाज के मुखिया को जान से मारने की कोशिश की। युवक उसे अपने साथ घसीटते हुए तालाब के गहरे पानी में ले गया। डुबोकर मारने की कोशिश की। हालांकि, आसपास मौजूद लोग समय रहते मदद के लिए पहुंच गए। बुजुर्ग को बचा लिया गया। आरोपी युवक पुलिस की गिरफ्त में है।
मिली जानकारी के मुताबिक, घटना शुक्रवार को लटुआ में हुई। 77 साल के संतराम कन्नौजे शोक कार्यक्रम में शामिल होेने गांव के तालाब गए थे। इस दौरान खूबचंद बघेल (26) उनके पास आया। मुखिया से कहने लगा कि तुम कन्नौजे धोबी समाज में मेरी शादी नहीं करवा रहे हो। इस दौरान गाली-गलौच शुरू हुई और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
बताते हैं कि खूबचंद ने इस दौरान मुखिया का गला पकड़ा और उन्हें तालाब के गहरे पानी में ले गया। उन्हें डुबोकर मारने की कोशिश करने लगा। गांव, समाज के और लोग भी आसपास मौजूद थे। इन्होंने ही बीच बचाव कर किसी तरह युवक को अलग कर बुजुर्ग की जान बचाई। मुखिया ने सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामला एसपी भावना गुप्ता की जानकारी में पहुंचा। उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी खूबचंद को हिरासत में लिया। पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, युवक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। अब उसे कोर्ट पेश कर जेल भेजने की तैयारी है।
सुहेला बिटकुली गांव के पास शुक्रवार रात तीन बाइक की भिड़ंत में 6 साल के बच्चे समेत 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इनमें से एक व्यक्ति प्रकाश यादव की हालत गंभीर थी। सुहेला सीएचसी से उन्हें रात में ही रायपुर के आंबेडकर अस्पताल शिफ्ट कर दिया था। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इधर, मौत के लिए लोग लचर स्वास्थ्य सेवाओं को जिम्मेदार बता रहे हैं।
बता दें कि बिटकुली गांव में शुक्रवार रात 8 बजे हादसे के बाद घायल तकरीबन एक-डेढ़ घंटे तक सड़क किनारे ही तड़प रहे थे। सूचना पाकर ब्लॉक कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्रूक्ष भुवनेश्वर वर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए, लेकिन 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची।
CG News: घटना के वक्त यहां मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने कई दफे 108 पर कॉल किया, लेकिन दूसरी तरफ से एक बार भी कॉल रिसीव नहीं किया गया। इनके बाद कॉन्ग्रेस अध्यक्ष भुवनेश्वर और सुहेला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी मनोहर लाल ध्रुव ने भी 108 नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की।
कंट्रोल रूम ने इनके कॉल का भी कोई रिस्पॉन्स नहीं किया। स्वास्थ्य की लचर सेवाओं के चलते घायलों को इलाज मिलने में देरी हुई। इस वजह से एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। लोगों ने एंबुलेंस की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
Updated on:
27 Apr 2025 10:40 am
Published on:
27 Apr 2025 10:40 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
