
Chhattisgarh News: दामाखेड़ा में 1 नवंबर को हुए हमले को शुरुआत में महज पटाखा फोड़ने का विवाद बताया गया। हालांकि, पत्रिका ने तभी इसके पीछे छिपी 2 साल पुरानी रंजिश की कहानी पर रिपोर्ट छापी थी। घटना पर कबीरपंथ में गद्दी परंपरा के गुरु प्रकाश मुनि ने सोमवार को पहली बार मीडिया से बात की, जिसमें उन्होंने उसी विवाद को घटना की जड़ बताया। उन्होंने बताया, मेले के नाम पर 10 लाख गबन करने वालों की शह पर गांव के आसपास शराब, मांस का अवैध धंधा चल रहा था। उदित मुनि ने विरोध किया, तो आश्रम पर सुनियोजित तरीके से सुतली बम फेंक हमला किया गया।
CG News: गौरतलब है कि दीपावली की रात वंशाचार्य उदित मुनि को जान से मारने की कोशिशों के बाद प्रदेशभर से कबीरपंथी दामाखेड़ा में इकट्ठे होने लगे थे। सोमवार सुबह तक यहां इतने लोग जुट चुके थे कि भीड़ कंट्रोल करने के लिए गांव में 800 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात करने पड़े। दोपहर बाद प्रकाश मुनि की सभा हुई।
इसमें उन्होंने अनुयायियों को संबोधित करते हुए क्षमा का संदेश दिया। उन्होंने कहा, शराब-मांस की बिक्री को बढ़ावा देकर पहले दामाखेड़ा का माहौल बिगाड़ना और विरोध करने पर आश्रम में हमला घोर निंदनीय है। किसी की आस्था को आहत करने वाला कोई भी काम नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, घटना को लेकर किसी को भी उद्वेलित होने की जरूरत नहीं है। क्षमा करना सबसे बड़ा धर्म है।
शासन-प्रशासन न्याय संगत तरीके से अपना काम कर रहा है। आरोपियों को पकड़ा जा रहा है। इन्हें सजा देना कोर्ट का काम है। हमें लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। आप सब भी शासन-प्रशासन की व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखें। न्याय संगत तरीके से कार्रवाई की जाएगी, हमें ऐसी उम्मीद है।
कोराना काल में कबीर पंथ के धर्मगुरु धनी धर्मदास साहेब की 625वीं जयंती पर आश्रम ने सादगीपूर्ण समारोह मनाया। सरपंच पूर्णिमा पूरन देवांगन, जनपद सीईओ पंकज देव और पंचायत सचिव राजू देवांगन ने फर्जी तरीके से संस्कृति विभाग से इसके लिए 10 लाख निकाले गए। भंडा फूटा तो शिकायत हुई। 1 साल फरारी काटने के बाद सरपंच पति अभी अग्रिम जमानत पर है। प्रशासन ने अब तक चार्जशीट पेश नहीं की है। गबन करने वालों पर ही गांव के आसपास शराब, मांस, जुआ-सट्टा को शह देने के आरोप हैं। वंशाचार्य उदित मुनि इन्हीं बुराइयों के खिलाफ लड़ रहे थे। यानी पहले पंचायत से भ्रष्टाचार का पत्ता कटा, फिर शराब-मांस के अवैध धंधे पर भी चोट लगी। माना जा रहा है कि इसी का खुन्नस निकालने हमला किया गया।
सभा में उदित मुनि ने बताया, देश-दुनिया में कबीर साहेब को मानने वालों के लिए दामाखेड़ा पवित्र भूमि है। साहेब के आदर्शों के अनुरूप यह क्षेत्र शराब, मांस की बिक्री के लिए प्रतिबंधित है। इसके बावजूद आसपास के गांवों से जमकर शराब, मांस की सप्लाई की जा रही है। मैंने इसका वीडियो बनाया। गांव की सभा में सबको दिखाया। गांव के बुजुर्गों ने उन्हें दंडित किया।
अगर अपनी मत-परंपराओं के मुताबिक समाज का माहौल सुधारना अपराध है तो मैं 100 बार माफी मांगने के लिए तैयार हूं। अगर कोई और भी गलती भी मैंने की है तो मुझे बता दीजिए, मैं उसके लिए भी माफी मांगने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आगे भी लोगों को जागरूक करते रहेंगे।
आश्रम में हमले के तीसरे ही दिन दामाखेड़ा में पुलिस सहायता केंद्र खोल दिया गया है। सोमवार को उदित मुनि ने कलेक्टर विजय अग्रवाल, एसपी विजय अग्रवाल, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा आदि की मौजूदगी में फीता काटकर इस चौकी की शुरुआत की। फिलहाल चौकी में 5 पुलिसवाले तैनात किए गए हैं। एएसआई माधो प्रसाद साहू चौकी प्रभारी हैं। प्रधान आरक्षक सुख सागर मरावी समेत 4 आरक्षकों की तैनाती भी की गई है।
Updated on:
06 Nov 2024 01:38 pm
Published on:
06 Nov 2024 01:37 pm
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