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नहर लाइनिंग कार्य में भ्रष्टाचार, मुरूम के स्थान पर किया जा रहा मिट्टी का प्रयोग

पीएम के डिजीटल इंडिया की सच्चाई दिखाता ये गांव नहर लाइनिंग कार्य में अनियमितताएं गुणवत्ताविहीन कार्य होने शिकायत

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नहर लाइनिंग कार्य में भ्रष्टाचार, मुरूम के स्थान पर किया जा रहा मिट्टी का प्रयोग

भाटापारा. अर्जुनी नहर नाली क्रमांक 13 में रिमोडलिंग सीसी लाइनिंग कार्य बलौदाबाजार शाखा नहर में 6 करोड़ 5 लाख की लागत से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। कार्य मे गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। नहर लाइनिंग के कार्य में मिट्टी का प्रयोग किए जाने की शिकायत भी मिल रही है। ग्राम पंचायत भद्रापाली, खैरताल, मिरगी, अर्जुनी, टोनाटार, टोपा व गोढी तक नहर लाइनिंग के कार्य किया जाना है, लेकिन ग्राम भद्रपाली, खैरताल एवं अर्जुनी के किसानों के खेतों की मिट्टी को जेसीबी से खोद कर नहर नाली में मुरूम के स्थान पर मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है।

ग्राम अर्जुनी के कृषक ऋषि वर्मा, तुमन वर्मा, भवरसिंह साहू, देव वर्मा, नरेन्द्र वर्मा, पुनीत वर्मा, प्रमोद शांखला, गैदु रजक गुरूचरण वर्मा, दिनेश वर्मा, कामेश सेन एवं भूपेंद्र रजक आदि कृषकों का कहना है कि ठेकेदार पेटी कंट्रेक्टर के माध्यम से गुणवत्ताविहीन तरीके से कार्य को पूर्ण करने में लगे हुए हैं। ठेकादार द्वारा लगभग 3 इंच की ढलाई कर कम सीमेंट की मात्रा का उपयोग किए जाने की शिकायत है। इस नहर नाली की चौड़ाई बहुत कम होने के कारण आखरी टेल ग्राम टोपा गोढी तक पानी पहुंचने में संदेह है। जिसका मुख्य कारण नहर की चौड़ाई कम होना माना जा रहा है। ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा हरेभरे पेड़ो को जेसीबी से उखाडक़र फेकने की शिकायतें मिल रही है।

दूर संचार विभाग द्वारा प्रधानमंत्री की डिजीटल इंडिया के तहत ग्राम खैरताल में नहर नाली के किनारे बिछाने गए पाइप लाइन को कई जगह लापरवाही से मिट्टी की खुदाई के दौरान तोड़-फोडक़र दिया है। तीन साल पूर्व किसानों को सिंचाई पानी सप्लाई के लिए लाखों रुपए की लागत से बनाए गए काडा नाली को नहर लाइनिंग कार्य के दौरान जेसीबी से लगभग पचास मीटर तक तोड़ दिया गया है। इस टूटे हुए काडा नाली की छति पूर्ति की राशि ठेकेदार से वसूली किए जाने की मांग किसानों ने सिंचाई विभाग से की है। पूरे काम की जांच शासन स्तर पर कराए जाने की मांग किसानों ने की है। अर्जुनी के कृषक ऋषि वर्मा ने कहा कि मेरे खेत के पास पूर्व में बने हुए काडा नाली को ठेकेदार जेसीबी के द्वारा लगभग 50 मीटर तोड़ा गया है। खेत के पास लगे हुए हरे-भरे बबुल के पेड़ो को उखाड़ कर फेका गया है। आरोपियों के विरुद्ध उच्च स्तरीय कार्रवाई की जाए। किसान के खेतों को बिना अनुमति खुदाई कर नहर नाली में डाला गया है। इससे खेतों में गहरा गड्ढा हो गया है। इससे किसानों में नाराजगी है।

ग्राम पंचायत भद्रापाली के उपसरपंच टिकम साहू ने बताया कि नहर लाइनिंग का काम गुणवत्ताविहीन किया जा रहा है। मुरम के स्थान पर मिटटी का उपयोग ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है जिसकी जांच होनी चाहिए।

जल संसाधन विभाग बलौदाबाजार के सहायक उपयंत्री सूरज वर्मा ने कहा कि नहर लाइनिंग कार्य के दौरान गुणवत्ता का पुरा ध्यान रखा गया है। काडा नाली के टूटे हुए भाग की शीघ्र ही मरम्मत होगी। किसानों के खेतों को खोद कर जो मिट्टी नहर में डाली गई है। शिकायत मिलने पर उसे रोक दिया गया है।

बलौदाबाजार के जनपद सदस्य संदेश जैन ने कहा कि नहर लाइनिंग के कार्य में हो रहे भ्रष्टाचार पर तत्काल अंकुश लगाया जाए व किसानों की खेतों की मरम्मत शीघ्र किया जाए। नहर नाली की चौड़ाई व गहराई बढ़ाई जाए। ठेकेदार द्वारा भोले-भाले ग्रामीणों, किसानों को गुमराह करने के लिए अंग्रेजी में सूचना बोर्ड लगाया गया है। वह सहीं नहीं है। इसे हिन्दी में लगाया जाना चाहिए।