
छत्तीसगढ़ में फैला पीलिया का प्रकोप, 23 मरीजों की हुई पुष्टी, स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चौपट
बलौदाबाजार. जिला मुख्यालय बलौदाबाजार से महज 6-7 किमी दूर ग्राम पंचायत ढनढनी में बीते दो महीने से पीलिया का प्रकोप है। वर्तमान में भी ग्राम में पीलिया के दर्जनभर से अधिक मरीज हैं, जो जिला चिकित्सालय के साथ ही साथ बलौदाबाजार के निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
मामले में सर्वाधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि ढनढनी निजी सीमेंट संयंत्र का गोदग्राम है, बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग और संयंत्र प्रबंधन द्वारा इस संबंध में आज तक किसी प्रकार का कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार गांव के जो लोग सीमेंट संयंत्र में कार्यरत हैं, उनमें से अधिकांश लोगों को पीलिया हुआ है, इसके चलते ग्रामीणों ने सीमेंट संयंत्र में श्रमिकों को प्रदान किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता पर ही प्रश्नचिन्ह लगाया है।
विदित हो कि ग्राम पंचायत ढनढनी बलौदाबाजार ब्लॉक का महत्वपूर्ण ग्राम है। गांव के ठीक किनारे निजी सीमेंट संयंत्र स्थापित है। नियमानुसार गोदग्रामों सहित सीमेंट संयंत्र के आसपास के ग्रामों के पर्यावरण, पेयजल, सडक़, शिक्षा सुरक्षा की ओर ध्यान दिया जाना सीमेंट संयंत्र का प्रमुख दायित्व है। बावजूद इसके गोदग्रामों को लेकर बनाए गए नियम केवल कागज पर ही हैं।
कागज पर ही इन्हे अमल में लाया जाता है। शनिवार को ढनढनी जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया गया और ग्रामीणों से चर्चा किया गया तो उन्होंने बताया कि बीते दो माह से ग्रामीणों को पीलिया की शिकायत है। कुछ लोग ठीक हो चुके हैं, तो कुछ लोग आराम कर रहे हैं। वर्तमान में भी ग्राम में दर्जनभर से अधिक लोगों को पीलिया पॉजीटिव है।
संभवतया दूषित हो गया है। इसकी वजह से इस पेयजल का उपयोग करने वाले बहुत से लोगों को पीलिया की शिकायत है। ग्रामीणों ने बताया कि संयंत्र में अलग-अलग राज्यों के श्रमिक कार्यरत हैं, जो आसपास के ग्रामों में निवासरत हैं। यदि एक-एक श्रमिक की पड़ताल की जाए तो पीलिया के दो दर्जन से अधिक नए मरीज सामने आएंगे।
ग्रामीणों के पीलिया पीडि़त होने के बाद भी आज तक गांव में सफाई व किसी किस्म की दवा का वितरण नहीं किया गया है। ईमामी सीमेंट संयंत्र का गोदग्राम होने के बावजूद इस ग्राम की उपेक्षा संयंत्र के आला अधिकारियों की संवेदनशीलता और संयंत्र की नीतियों की सच्चाई दर्शाती है। कागजों में आसपास के ग्रामों के उत्थान के लिए कार्य करने, सीएसआर कार्य किए जाने और गोद ग्रामों को लेकर संवेदनशीलता का ढिंढोरा पीटने वाले संयंत्र प्रबंधन द्वारा आज तक किसी प्रकार का स्वास्थ्य कैंप का आयोजन नहीं किया गया है। न ही बरसात का मौसम होने के बावजूद ग्राम की सफाई व्यवस्था की ओर ध्यान दिया गया है, इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। जिला चिकित्सालय जाकर जब पीलिया के मरीजों के संबंध में पड़ताल की गई, तो जिला चिकित्सालय द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार 4 जुलाई से 24 जुलाई तक जिला चिकित्सालय में पीलिया के कुल 23 मरीजों की पहचान की गई है। इसमें से अधिकांश मरीज आसपास के ग्रामीण इलाकों के हैं। शनिवार को भी जिला चिकित्सालय में पीलिया के लगभग 5-6 मरीजों को एडमिट किया गया है। इसके अलावा कई निजी दवाखानों में भी ग्रामीण बड़ी संख्या में पीलिया के मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
ग्राम पंचायत ढनढनी के सरपंच पप्पू मानिकपुरी ने कहा कि बरसात का सीजन होने पर ग्रामीणों को स्वास्थ्य के लिए लगातार सचेत किया जा रहा है। ग्राम में लगातार सफाई अभियान चलाकर पेयजल स्रोत और पूरे ग्राम में सफाई अभियान चलाकर कार्य कराया जा रहा है।
जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार के शासकीय चिकित्सक डॉ. अशोक वर्मा ने कहा कि बीते कुछ दिनों से जिला चिकित्सालय में पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिनका इलाज किया जा रहा है। पीलिया के सभी मरीजों का ब्लड टेस्ट किया गया है। किसी भी मरीज को हेपेटाईटिस बीए-सी की शिकायत नहीं मिली है। सभी मरीज सामान्य पीलिया के पीडि़त हैं, जो पूरी तरह से दूषित पेयजल के इस्तेमाल की वजह से होता है।
इमामी सीमेंट संयंत्र स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकडॉ. अजीत कुमार पाण्डेय ने कहा कि इमामी सीमेंट संयंत्र द्वारा केवल सामान्य स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है। स्पेशल किसी प्रकार का कोई शिविर नहीं लगाया जाता है। पीलिया के संबंध में शिकायत मिली है, प्रशासन द्वारा जो कार्य सौंपा जाएगा, उसे अवश्य पूरा किया जाएगा। हमारी ओर से पूरा सहयोग किया जाएगा।
Published on:
29 Jul 2018 05:19 pm
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