
रामानुजगंज. 10वीं का रिजल्ट घोषित होने के बाद एक ओर जहां बच्चे एवं उनके अभिभावक खुशी में झूम रहे थे। वहीं ग्राम पुरुषोत्तमपुर की 10वीं की छात्रा 2 विषय में पूरक आ गई तो वह रोने लगी। इसी बीच शुक्रवार की सुबह उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दौरान माता-पिता खेत गए थे, जबकि उसकी बड़ी बहन खाना बना रही थी। छात्रा गणित एवं विज्ञान में पूरक आई थी। इसी वजह से डिप्रेशन में उसने ऐसा घातक कदम उठा लिया।
बलरामपुर जिले के रामानुजगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पुरुषोत्तमपुर निवासी रेखा सिंह पिता मनोज सिंह ने इस साल 10वीं बोर्ड की परीक्षा दी थी। 7 मई को उसका रिजल्ट घोषित हुआ। इसमें रेखा सिंह का 600 नंबर में 316 नंबर मिले थे, लेकिन वह गणित एवं विज्ञान में विषय में सप्लीमेंट्री आ गई थी।
रिजल्ट देखने के बाद वह गहरे अवसाद में चल गई एवं रोने लगी। रेखा दो बहन एवं एक भाई में सबसे छोटी थी। आज सुबह जब बड़ी बहन खाना बना रही थी तो उसने दूसरे कमरे में जाकर फांसी लगा ली। घर के अन्य सदस्य खेत में गए थे। जब बड़ी बहन खाना बनाने के दौरान रेखा-रेखा की आवाज लगाई तो उसने कोई जवाब नहीं दिया।
जब वह कमरे में पहुंची तो बहन को लटका देख उसके रोने का ठिकाना न रहा। फिर उसने परिजनों को यह बात बताई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर पीएम पश्चात परिजन को सौंप दिया।
रेखा के पिता खेती किसानी करते हैं। जब उन्हें यह पता चला कि 2 विषय में पूरक आने से वह रो रही है तो उन्होंने उसे समझाश कि कोई बात नहीं। फिर से मेहनत करना और पास हो जाना। लेकिन रेखा के दिमाग में कुछ और चल रहा था। इसी बीच उसने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया।
बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम आने के बाद पूर्व कलेक्टर अवनीश शरण ने इंटरनेट मीडिया पर अपना 10वीं का रिजल्ट साझा करते हुए लिखा है कि खराब माक्र्स लाकर कुछ गलत स्टेप उठाने से पहले एक बार मेरा 10वीं का रिजल्ट देख लें।
फिर बाद में उन्होंने लिखा कि सिविल सेवा के परीक्षा में द्वितीय प्रयास में पूरे देश में 77वां स्थान प्राप्त किया। रेखा के गणित एवं विज्ञान के अलावा दूसरे विषयों में अच्छे नंबर थे। उसके 50 प्रतिशत अंक भी आए थे। यदि रेखा प्रयास करती तो अच्छा कर सकती थी।
डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल के प्राचार्य ज्ञानेंद्र वाजपेयी ने कहा कि आज का दौर नंबरों का दौरा नहीं है, अपने ऊपर विश्वास बनाए रखें। अंदर की क्षमता को बढ़ाएं। ऐसे अनेक उदाहरण है जिन्होंने 10वीं व 12वीं की परीक्षा मेंं अच्छा अंक नहीं लाया, लेकिन आज उच्च शिखर पर हैं। जीवन बहुत महत्वपूर्ण है, इससे बढक़र कुछ नहीं है। यदि हम चाहें तो दृढ़ संकल्प से किसी भी ऊंचाई में पहुंच सकते हैं। इसके लिए रिजल्ट मायने नहीं रखता है।
Updated on:
11 May 2024 08:45 am
Published on:
10 May 2024 05:38 pm
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