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हथियारबंद 4 नक्सलियों ने दरवाजा खुलवाकर लात-घुसों से की ग्रामीणों की पिटाई, लूट ली मोबाइल

सामरी के हनुमातपारा में हथियारबंद नक्सलियों ने दिया वारदात को अंजाम, पुलिस ने क्षेत्र में बढ़ाई सर्चिंग, बीरसाय दस्ते का बताया सदस्य

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Police in Hanumatpara

police in Hanumatpara

कुसमी. सामरी थाना क्षेत्र के ग्राम हनुमातपारा में 26 अगस्त की रात 4 हथियार बंद नक्सलियों द्वारा कई ग्रामीणों के घर में धावा बोलते हुए मारपीट एवं लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने ग्रामीणों सप्ताहभर के भीतर रुपयों की व्यवस्था करने कहा है। पुलिस को ये बात बताने पर उन्होंने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।

मामले में सामरी पुलिस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर तलाश में जुटी है। बुधवार को एएसपी पंकज शुक्ला सामरी थाना प्रभारी राजेन्द्र साहू दल-बल के साथ गश्त कर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। हथियारबंदों ने अपने आप को बीरसाय दस्ते का सदस्य होना बताया।


बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेतपानी के जंगली क्षेत्र में बसे हनुमात पारा में 26 अगस्त की रात करीब 10 बजे 4 हथियारबंद नक्सली पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने 26 वर्षीय डूलु नगेशिया पिता झोलरी नगेशिया के घर का दरवाजा खुलवाया। घर खुलते ही उन्होंने डूलू नगेशिया से रुपयों की मांग की। जब उसने रुपए नहीं होने की बात कही तो नक्सलियों ने लात-घुसों से उसकी पिटाई कर मोबाइल छीन ली।

मारपीट के बाद माओवादी डूलू को अपने साथ ले गए और गांव के जोधन नगेशिया का घर खुलवाया। जब जोधन बाहर आया तो उसके सीने में बंदूक अड़ाकर माओवादियों ने पैसे की मांग की। इससे भयभीत जोधन ने घर में रखे 6०० रुपए उन्हें दे दिए। माओवादियों ने मोबाइल छीन ली और अपने साथ लेकर गांव के जोखन नगेशिया, महावीर एवं विनोद का घर खुलवाया।

यहां भी उन्होंने सभी से रुपयों की मांग की। रुपए नहीं होने की बात पर उन्होंने सभी से मारपीट की तथा उनके मोबाइल छीनकर ले गए। इस दौरान माओवादियों ने गांव में करीब 3 घंटे तक उत्पात मचाया। इसके बाद वे जंगल में चले गए।


बीरसाय दस्ते के थे सदस्य
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि वे अपने आप को बीरसाय दस्ते का सदस्य बता रहे थे। उन्होंने कहा कि माओवादियों ने यह घटना पुलिस को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर उनसे रुपयों का बंदोबस्त करने भी कहा है। उन्होंने ये भी कहा कि वे एक सप्ताह के बाद रुपए लेने गांव आएंगे।


डर से 2 दिन तक नहीं की रिपोर्ट
माओवादियों की धमकी से डरे-सहमे ग्रामीणों ने २ दिनों तक पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी। फिर किसी प्रकार हिम्मत जुटा कर मंगलवार को वे सामरी थाने पहुंचे और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथी डूलू नगेशिया की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 394, 386, 450, 323, 606, 25-27 आम्र्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस ने बुधवार को क्षेत्र में सीआरपीएफ व जिला बल के जवानों के साथ सर्चिंग की गई। बुधवार को एएसपी पंकज शुक्ला, सामरी थाना प्रभारी राजेंद्र साहू, दल-बल के साथ प्रभावित गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से रूबरू हुए।

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