
2 accused arrested in conversion case
कुसमी. Conversion: बलरामपुर जिले के सामरीपाठ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जमीरापाठ के डूमरपाठ से लगे डम्भाटोली निवासी एक गरीब परिवार के सदस्यों की बीमारी ठीक करने, आर्थिक मदद करने सहित कई तरह के प्रलोभन देकर 2 लोगों द्वारा उनका धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा था। इसकी जानकारी उपसरपंच एवं युवाओं को हुई तो उन्होंने रविवार की सुबह आरोपियों को पकड़ लिया। सूचना पर हिन्दू संगठन (Hindu Organisation) के पदाधिकारी भी वहां आकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग करने लगे। देखते ही देखते वहां तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। मौके पर पहुंची सामरी पुलिस आरोपियों के साथ पीडि़त परिवार के सदस्यों को लेकर थाने पहुंची। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत् कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया है।
सामरीपाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डम्भाटोली निवासी शिवा अगरिया पिता रूपसाय 50 वर्ष की पत्नी फुलकुंवारी की तबियत करीब 15 साल से खराब है। उसका काफी जगह उपचार के साथ झाडफ़ूंक कराने के बाद भी राहत नहीं मिल रही थी। जब इसकी जानकारी ग्राम घुटराडीह निवासी 30 वर्षीय अंजुम लकड़ा एवं बगल के गांव श्रीकोट के खम्मन निवासी कलेश्वर अगरिया को हुई तो दोनों कुछ और लोगों के साथ शिवा केघर पहुंच गए।
उन्होंने शिवा को कहा कि तुम्हारी पत्नी कीबीमारी को चंगाई शिविर के जरिए प्रार्थना कर ठीक कर देंगे। इसके अलावा आर्थिक मदद का भी प्रलोभन देते हुए कहा कि बस तुम्हें परिवार सहित धर्म परिवर्तन करना होगा, तब सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। इसके बाद शिवा के घर में प्रत्येक रविवार को प्रार्थना शिविर लगने लगा था।
हिंदू संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन
इस बीच गांव के लोगों को पता चला कि कुछ लोग यहां आकर सेवा भाव से बीमारी ठीक कराने के बहाने गरीब परिवार के सदस्यों का धर्म परिर्वतन कराने की फिराक में लगे हैं। तब गांव के जागरूक लोग इन्हें पकडऩे की तैयारी में थे। इस बीच रविवार की सुबह फिर से शिवा के घर में इस तरह के शिविर लगने की जानकारी मिली तो कुछ युवक घर में पहुंचे तो धर्म परिवर्तन कराने में लगे हुए लोग उल्टा इनके ऊपर ही भडक़ गए।
इसके बाद वहां गांव के काफी लोग जमा हो गए। कुसमी से भी हिन्दू युवा मंच एवं आरएसएस के पदाधिकारी मौके पर पहुंच कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। देखते ही देखते गांव में गहमा गहमी की स्थिति निर्मित हो गई।
मौके पर सामरी से प्रधान आरक्षक राजेंद्र धु्रव अन्य पुलिस कर्मियों के साथ पहुंचकर आरोपियों एवं पीडि़त परिवार को अपने साथ सामरी थाना ले आए। रविवार को सामरी थाना प्रभारी फर्दीनंद कुजूर किसी आवश्यक कार्य से बिलासपुर कोर्ट जाने के लिए निकले हुए थे।
एसडीओपी की समझाइश पर शांत हुआ मामला
सामरी थाने के समीप भी घटना को लेकर तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, तब वहां मौजूद सामरी एसडीओपी डीके सिंह द्वारा लोगों को समझाइश देकर उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
सामरी पुलिस ने प्रार्थी शिवा अगरिया की रिपोर्ट पर आरोपी अंजुम लकड़ा एवं कलेश्वर अगरिया के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 की धारा 3 एवं 4 के तहत जुर्म दर्ज कर उनके पास से पुस्तक, डायरी सहित अन्य सामग्री जब्त की है।
Published on:
04 Dec 2022 08:50 pm
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