
PLFI letter
अंबिकापुर/कुसमी. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के चांदो थाना क्षेत्र के झारखंड बार्डर से नजदीक ग्राम नहलूपाठ के जंगल में सबाग-चटनिया से चांदो तक सड़क निर्माण में लगे हाइवा व पोकलेन मशीन को देर रात कथित माओवादियों ने आग के हवाले कर दिया। वाहनों को आग लगाने से पहले पांच माओवादियों ने उत्पात मचाते हुए वहां मौजूद चालक, ऑपरेटर व कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की।
फिर उन्होंने धमकी भरा पर्चा छोड़कर जंगल के रास्ते झारखंड की ओर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि इस दौरान जंगल में भी उनके कई साथी मौजूद थे। हालांकि पुलिस इसे माओवादी घटना से इंकार करते हुए बदमाशों की करतूत बता रही है।
वहीं पीएलएफआइ के नाम से जारी पर्चे में सड़क निर्माण कार्य बंद करने की धमकी दी गई है। यदि काम शुरु किया जाता है तो नामो-निशान मिटा दिया जाएगा।
गौरतलब है कि सबाग सीआरपीएफ कैंप व आउट पोस्ट पुलिस से करीब 4 किलोमीटर और चांदो थाने से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चटनिया पंचायत के ग्राम नहलु में सबाग से लेकर चटनिया-चांदो मुख्य मार्ग तक पक्की सड़क का निर्माण कार्य एक वर्ष से चल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जब सबाग आए थे तो उन्होंने कई विकास कार्यों की स्वीकृति दी थी।
इसी दौरान क्षेत्रवासियों की मांग पर ही मुख्यमंत्री ने चुनचुना, पुंदाग व सबाग को जिला मुख्यालय बलरामपुर से चटनिया की तरफ से जोडऩे के लिए पहाड़ी को काटकर सड़क का निर्माण कराने की स्वीकृति प्रदान की थी। यहां करीब एक वर्ष से शांतिपूर्ण ढंग से सड़क का निर्माण चल रहा था। लेकिन इस बीच गुरुवार की देर रात करीब 2.30 हथियारबंद पांच माओवादी पहुंचे।
इस दौरान वहां सड़क निर्माण में लगे पोकलेन के ऑपरेटर ग्राम कन्द्री जवाखार निवासी 28 वर्षीय रामसुंदर पिता हरिहर, हाइवा चालक भैयाथान के ग्राम दवना निवासी 28 वर्षीय विकलेश देवांगन पिता शिव नाथ, जेसीबी चालक राजस्थान निवासी 30 वर्षीय अनुज सिंह व पोकलेन ऑपरेटर सागर खेरवार मौजूद थे।
सभी भोजन करने के बाद पोकलेन मशीन के नीचे सो रहे थे और हाइवा में विकलेश देवांगन सो रहा था। माओवादियों ने धमकाते हुए कहा कि कौन-कौन हो बाहर निकलो, जब सागर खेरवार बाहर निकला तो उसके साथ मारपीट करने लगे और इस बीच रामसुंदर व अनुज को भी पोकलेन के नीचे से निकालकर उनकी भी पिटाई कर दी।
तीनों से माओवादियों ने पूछा कि तुम्हारे साथ और कौन है, तब उन्होंने हाइवा में भी चालक के सोने की जानकारी दी। तब माओवादियों ने कहा कि उसे हाइवा समेत जला दो, फिर डर से हाइवा चालक भी बाहर निकला। इसके बाद माओवादियों ने चारों के साथ मारपीट करते हुए दो चालकों का मोबाइल छीन लिया।
पोकलेन के नीचे कंबल रखकर लगाई आग
माओवादियों ने उत्पात मचाते हुए पोकलेन मशीन के नीचे कंबल रखकर पेट्रोल डाला, फिर आग लगा दी। इससे मशीन धू-धू कर जलने लगा। इसके बाद माओवादियों ने हाइवा में भी पेट्रोल डालकर आग लगा दिया। वाहनों को आग लगाने के बाद माओवादी जंगल के रास्ते झारखंड की ओर फरार हो गए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसा कट्टा से लैस माओवादी जब वारदात को अंजाम दे रहे थे, उसी समय जंगल में भी बड़ी संख्या में साथी छिपे थे।
घटनास्थल पर छोड़ा धमकी भरा पर्चा
माओवादियों ने घटनास्थल पर पीएलएफआइ संगठन के नाम से एक धमकी भरा पर्चा भी छोड़ा है। पर्चे में २४ जनवरी से सड़क का निर्माण कार्य बंद करने की धमकी दी गई है। पर्चे में लिखा है कि अगर काम शुरू किया गया तो नामो-निशान मिटा दिया जाएगा। किसी के कहने पर भी काम शुरु नहीं करना है नहीं तो गोली से मिटा दिया जाएगा।
आइजी सहित अन्य अफसर पहुंचे
वारदात की सूचना मिलने पर आइजी हिमांशु गुप्ता, एसपी टीआर कोशिमा, एएसपी पंकज शुक्ला, चांदो थाना प्रभारी रुपेश एक्का, सीआरपीएफ कमांडेंट घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल व आसपास के जंगल में फोर्स ने सर्चिंग की। इस दौरान आइजी ने सड़क निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों से घटना के संबंध में पूछताछ की। इस मामले में चांदो थाने में अज्ञात पांच के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है।
माओवादियों की नहीं बल्कि बदमाशों की है करतूत
ये माओवादी घटना नहीं है। वारदात को झारखंड की ओर से आए बदमाशों द्वारा अंजाम दिया गया है। चांदो थाने में अपराध दर्ज कर आरोपियों की खोजबीन की जा रही है।
पंकज शुक्ला, एडिशनल एसपी, बलरामपुर-रामानुजगंज
Published on:
25 Jan 2019 08:29 pm
बड़ी खबरें
View Allबलरामपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
