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संसदीय सचिव ने छठ घाट पर मजदूरों की तरह लगाया झाड़ू, अब तक किसी ने पूरा नहीं किया छठ घाट का वादा

Parliamentary secretary: वर्ष 2008 में भाजपा (BJP) के कार्यकाल में पहली बार छठ घाट बनाने का दिया गया था आश्वासन, कांग्रेस (Congress) के 7 वर्षों के शासनकाल (Government) में भी स्थिति जस की तस

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संसदीय सचिव ने छठ घाट पर मजदूरों की तरह लगाया झाड़ू, अब तक किसी ने पूरा नहीं किया छठ घाट का वादा

Parliamentary secretary swept broom

राजपुर. राजपुर से लगे ग्राम नवकी स्थित गेउर नदी तट पर छठ महापर्व (Chhath puja) लंबे अरसे से नवकी, राजपुर, सरनापारा, बूढ़ाबगीचा, खुटनपारा, बकसपुर के साथ साथ अन्य गांव के श्रद्धालुओं द्वारा मनाया जाता है। युवाओं की समिति द्वारा घाट पर सारी व्यवस्था की जाती है। लेकिन यहां अब तक स्थायी छठ घाट का निर्माण नहीं हो सका है।

इधर पत्रिका (Patrika) में छठ घाट से संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद क्षेत्रीय विधायक व संसदीय सचिव (Parliamentary secretary) चिंतामणी महाराज नवकी स्थित गेउर नदी छठ घाट पहुंचे और झाड़ू लगाया।


स्थायी छठ घाट निर्माण की सबसे पहली घोषणा तत्कालीन संसदीय सचिव सिद्धनाथ पैकरा ने 2008 में की थी, जिससे सभी श्रद्धालुओ को आस जगी थी कि गेउरु नदी तट पर स्थायी छठ घाट का निर्माण होगा। लेकिन आश्वासन व घोषणा का सिलसिला यहीं नहीं रुका।

वर्ष 2013 में सामरी विधान सभा से विधायक निर्वाचित हुए डॉ. प्रीतम राम ने भी छठ घाट जल्द निर्माण कराने की दिशा में पहल करने की बात कही थी।

फिर 2019 में छठ घाट पर पहुंचे वर्तमान संसदीय सचिव (Parliamentary secretary) चिंतामणि महाराज ने भी स्थानीय जनों व छठ पूजा समिति के सदस्यों से मिलकर क्या, कैसा निर्माण हो सकता है, इस हेतु निकाय की तकनीकी टीम व भूमि आवंटन के लिए राजस्व अमले से चर्चा की थी, लेकिन इसके एक साल बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई भी काम नहीं हो सका।


पत्रिका ने प्रकाशित की खबर
इसे लेकर पत्रिका ने बुधवार के अंक में ‘सालों से छठ घाट निर्माण निर्माण की आस, अब तक आश्वासन ही मिले’ नामक शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।

इसके बाद बुधवार को संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज अन्य लोगों के साथ ग्राम नवकी स्थित गेउर नदी तट पर पहुंचे व खुद हाथों में झाडू़ लेकर साफ-सफाई (Swept broom) में जुट गए। उनकी पहल पर घाट पर साफ-सफाई व अन्य व्यवस्था हेतु काम शुरु हो गया है।