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उप सरपंच की बकरियां चर गईं फसल तो शातिर प्लान बनाकर 2 युवकों ने उसके पति का कर दिया मर्डर

उपसरपंच पति का 4 दिन पूर्व 30 फिट गहरे गड्ढे में बाइक समेत मिली थी लाश, 2 युवकों पर परिजनों ने जताया था हत्या का संदेह, दोनों गिरफ्तार

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Murder accused arrested

Murder accused arrested

कुसमी. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थानांतर्गत ग्राम देवसरा कला के उपसरपंच के पति रामबिलास की हत्या के मामले में पुलिस ने 2 युवकों को गिरफ्तार किया है। 2 माह पूर्व उपसरपंच की बकरियां मुख्य आरोपी के खेत में लगी फसल को चर गई थी। इसी दौरान उसने उपसरपंच पति की हत्या का प्लान बना लिया था।

इसके बाद अपने साथी के साथ मिलकर उसे पुल से 30 फिट नीचे बाइक समेत धकेल दिया। चट्टान से सिर टकरा जाने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।


गौरतलब है कि कुसमी थानांतर्गत ग्राम देवसरा कला निवासी 55 रामबिलास सिंह पिता प्रभु सिंह 14 अक्टूबर को अपने बाइक से डीपाडीह जाने के लिए निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा था। परिजन ने काफी खोजबीन के बाद उसकी गुमशुदगी 18 अक्टूबर को दर्ज कराई थी।

इस दौरान परिजन ने पुलिस को बताया था कि गांव का 25 वर्षीय रामप्रवेश रामबिलास को फोन करके डीपाडीह में नाबार्ड के रिड्स योजना में कृषि उत्पादक समूह में नाम जुड़वाने के लिए आधार कार्ड, खसरा, नक्शा समेत अन्य कागजात लेकर बुलाया था। परिजन ने रामप्रवेश पर ही पुरानी रंजिश के कारण रामबिलसा की हत्या करने की आशंका जाहिर की थी।

यही नहीं परिजन ने बलरामपुर के सरनाडीह से रामप्रवेश को पकड़कर पुलिस के हवाले भी कर दिया था, लेकिन शुरूआती पूछताछ में वह पुलिस को गुमराह करता रहा। इधर कार्रवाई में लेटलतीफी देख परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गए और एकजुट होकर 20 अक्टूबर को कुसमी थाने का घेराव करने की तैयारी कर ली।

तब पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और रामप्रवेश को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने एक अन्य साथी कुलदीप के साथ मिलकर रामबिलास की हत्या करने का जुर्म कबूल लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुसमी-अम्बिकापुर मुख्य मार्ग पर देवसरा मोड़ यात्री प्रतीक्षालय के समीप स्थित नाले के गड्ढे से मृतक का शव व बाइक बरामद की।

मामले में पुलिस ने आरोपी रामबिलास व कुलदीप को धारा 302 व 201 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कार्रवाई में थाना प्रभारी उमेश बघेल, एसआई नसीमुद्दीन, महिला प्रधान आरक्षक गुल्फी तिर्की, नीता कुर्रे, बहादुर खलखो व अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।


ऐसे दिया वारदात को अंजाम
रामप्रवेश व रामबिलास के परिवार के बीच पुरानी रंजिश थी। आए दिन उनके बीच विवाद होता था। दो माह पूर्व जब रामबिलास की बकरियां रामप्रवेश की फसल चर गईं थीं तो काफी विवाद हुआ था। इसी दिन रामप्रवेश ने रामबिलास की हत्या करने की ठान ली थी। इस साजिश में उसने अपने साथी ग्राम लरंगी निवासी 24 वर्षीय कुलदीप को भी शामिल किया।

फिर योजनाबद्ध तरीके से 14 अक्टूबर को उन्होंने कागजात जमा करने के बहाने रामबिलास को बुलाया। रिड्स कार्यालय में कागजात जमा करने के बाद तीनों डीपाडीह में किसी के घर दो बार शराब पीए, फिर वापस लौटने के दौरान रामबिलास का जूता उसी घर में छूट गया था जिसे कुलदीप व रामप्रवेश वापस लेकर आए, तब तक रात हो गई थी।


बाइक में पेट्रोल खत्म होने का बनाया बहाना
वापस लौटने के दौरान रास्ते में देवसरा मोड़ से पहले बाइक में पेट्रोल खत्म होने का बहाना बनाकर दोनों रामबिलास को बाइक थमा दिए फिर पीछे से पुलिया पर धक्का दे दिया, इससे रामबिलास बाइक सहित पुलिया के नीचे गिर गया और चट्टान में सिर टकराने से उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे।