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महान नदी में बह गई थी महिला, चार दिन बाद एक किलोमीटर दूर रेत में दबी मिली लाश

छोटी बहन के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने जाने के दौरान हो गई थी हादसे का शिकार, अचानक महान नदी में आया था उफान
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बलरामपुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 30 Jul 2018, 2:28 PM IST

Police on the spot

Police on the spot

राजपुर. ग्राम परसवारकला में चार दिन पूर्व महान नदी में बही वृद्धा का शव रविवार की सुबह एक किलोमीटर दूर ढोढ़ीपारा में नदी किनारे रेत में फंसा मिला। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पीएम कराकर परिजन को सौंप दिया। महिला अपनी छोटी बहन के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थी। इस दौरान महान नदी में आई बाढ़ को देखकर पानी कम होने का इंतजार कर रही थी। इसी बीच वह पानी के तेज बहाव में बह गई थी।


गौरतलब है कि राजपुर थाना अंतर्गत ग्राम परसवारकला के बड़कापारा निवासी 60 वर्षीय जूठनी उर्फ कोठिन पति मंगना की छोटी बहन कोटरीपारा निवासी हीरा गोंड़ की मौत हो गई थी। 26 जुलाई को उसके दशगात्र में शामिल होने जूठनी दोपहर करीब 12 बजे घर से निकली थी।

वह महान नदी महान नदी के पास पहुंची लेकिन बाढ़ देख किनारे खड़े होकर जल स्तर कम होने का इंतजार करने लगी। इसी दौरान नदी के तेज जल प्रवाह ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और पैर फिसलने से वह बह गई थी।

नदी में अधिक पानी होने के कारण उसका कुछ पता नहीं चल पाया था। इसी बीच रविवार की दोपहर करीब 1 बजे ग्राम परसवारकला से एक किलोमीटर दूर ढोढ़ीपारा में महान नदी के किनारे रेत में उसका शव फंसा मिला। राजपुर पुलिस शव को निकलवाकर पीएम कराने के बाद परिजन को सौंप दिया।


पुल निर्माण पर ध्यान नहीं, ग्रामीण परेशान
ग्राम धंधापुर के लोधीडांड़ स्थित महान नदी का पुल दो वर्ष पूर्व टूट गया था। नए पुल निर्माण के लिए शासन द्वारा अभी तक कोई पहल नहीं की गई है। इससे गांव के ग्रामीण व स्कूली छात्र-छात्राओं को जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे आना-जाना करना पड़ रहा है। सरकारी नाव देखरेख के अभाव में खराब पड़ा है।

अब तक नदी में डूबने से तीन लोगों की जान भी जा चुकी है। पुल के टूट जाने से ग्राम परसवारकला, धंधापुर, लोधीडांड़, रेवतपुर, शिवपुर, कुंदी, बदौली, दुप्पी-चौरा, मरकाडांड़, मसगा, करसी व मकनपुर गांव के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।