
बाढ़ से बचाव की तैयारियों को लेकर डीएम श्रुति ने बताया कि वर्तमान में 11बाढ़ परियोजनाओें पर काम किया जा रहा है। सुरक्षात्मक दृष्टि से तटबंधों पर 17 स्थल, नदी किनारे जहां तटबंध नहीं है वहां के 13 स्थल तथा नालों के 05 कटान वाले स्थलों को चिन्हित किया गया है।
बताया कि बचाव व राहत कार्य के लिए जनपद की तहसील बलरामपुर में 12, तुलसीपुर में 06 तथा उतरौला में 13 बाढ़ चोकियां बनाई गई हैं। 19 राहत केन्द्र बनाए गए है। बाढ़ आने पर राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस, पंचायतीराज, , खाद्य एवं रसद, आईसीडीएस, बेसिक शिक्षा व बाढ़ खण्ड अधिकारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। बलरामपुर में 08, उतरौला में 10 तथा तुलसीपुर में 08 निजी नावों सहित 26 नावों की व्यवस्था पहले से करा ली गई हैं। इसके साथ ही तहसील बलरामपुर में 26 नाविकों, तुलसीपुर में 08 तथा उतरौला में 14 नाविकों को सूचीबद्ध किया गया है जो आपात स्थिति में बचाव कार्य में लगाए जाएगें। दो गोताखोरों को भी सूचीबद्ध किया गया है। डीएम ने बताया कि जिलें के सभी तटबंधों की सुरक्षा को लेकर सभी बाढ़ खण्ड के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
जिला आपदा विशेषज्ञ अरूण सिंह ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर एसडीआरएफ, फ्लड पीएसी और एनडीआरएफ की मदद ली जाएगी। रेेस्क्यू एवं राहत कार्य के लिए तीन सौ से अधिक आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया गया है। इसके अलावा पीडब्लूडी, विद्युत विभाग, वन विभाग, परिवहन विभाग, जल निगम, दूर संचार, पशु चिकित्सा विभाग भी अपना सहयोग प्रदान करेंगें। बताया कि 92 चिकित्सक, 118 पैरा मेडिकल स्टाफ, 357 एएनएम, 1916 आशाओं सहित 10 मोबाइल चिकित्सा दल उपलब्ध है। तैयारी के दृष्टिगत 18 चिकित्सकों, 64 पैरामेडिकल स्टाफ तथा 64 स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित कराया गया है। राहत कार्य में 1398 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
Published on:
17 Jun 2022 07:47 pm
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