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जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही निकिता की मौत, 6 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ

पीड़िता की मां की तहरीर पर पहले से ही कोतवाली नगर में दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।

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Nikita died after burnt in Sharda Public School Balrampur Hindi News

जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही निकिता की मौत, 6 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ

बलरामपुर. गांधी जयंती की रात कक्षा आठ की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में जलने के मामले में छः दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ है। मामले को लेकर पीड़िता का बयान दर्ज करने ट्रामा सेंटर लखनऊ गई बलरामपुर पुलिस की टीम खाली हाथ वापस आ गई थी। उधर शनिवार की रात निकिता की मौत हो गई। पीड़िता की मां की तहरीर पर पहले से ही कोतवाली नगर में दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।

डीजल डालकर लगाई आग

मृतका 14 वर्षीय निकिता की मां की सुनीता की मानें तो उसकी बेटी को दो अज्ञात लोगों ने घर के आंगन में डीजल डालकर आग लगा दी। आग लगने के बाद जब निकिता चिल्लाई तब उसकी मां और परिसर में मौजूद लोग उसे बचाने के लिए दौड़े लेकिन तब तक निकिता 90 प्रतिशत तक जल चुकी थी। सभी ने मिलकर आग को बुझाया और निकिता को लेकर जिला मेमोरियल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे निकिता की हालत गम्भीर होने पर डाक्टर ने उसे फौरन ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। तब से लेकर शनिवार 7 अक्टूबर की रात तक निकिता उस दर्द को बरदाश्त करते हुए अपनी हिम्मत से जिन्दगी और मौत के बीच लड़ रही जंग हार गई और उसकी मौत हो गई।

स्कूल में ही रहती हैं मां-बेटी

निकिता की मां शारदा पब्लिक स्कूल के प्रबंधक पराग बोस के भाई आरके बोस के घर कई सालों से काम करती हैं और उनकी बेटी उसी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा थी। दोनों मां बेटी स्कूल परिसर में ही एक साथ रहते भी थे। निकिता के सर से पिता का साया भी कई साल पहले उठ गया। दो अक्टूबर की रात जब निकिता जब घर के आंगन में स्थित बाथरूम गई थी तब अज्ञात लोगों ने निकिता पर तेल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया। दशहरा की छुट्टी में सुनीता और निकिता अपने मालिक के साथ गोरखपुर गये हुए थे और उसी रात वापस लौटे थे। जिसके कुछ देर बाद ही ये घटना हो गई। किसी ने भी घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी और एक दिन बाद तीसरे व्यक्ति के हाथ तहरीर कोतवाली नगर पहुंचाई गई, जिसके आधार पर दो अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।

फोरेंसिक टीम ने सबूत किये इकट्ठा

फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से कुछ साक्ष्य इकट्ठा किये हैं और निकिता की डायरी व नोट भी बरामद हुआ है। घटना को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। जैसे तुलसीपार्क शहर का वीआईपी एरिया माना जाता है। तुलसीपार्क में स्थित बच्चों के लिए सुरक्षित माने जाने वाले शारदा पब्लिक स्कूल में हमलावर घुसने के बाद घर में कैसे घुसे। हमलावरों ने मासूम निकिता को ही अपना निशाना क्यों बनाया। निकिता के जलने से पहले उसकी चीख किसी को सुनाई क्यों नहीं दी। कहीं घटना में घर के अंदर का या विद्यालय का ही कोई स्टाफ शामिल तो नहीं है। घटना होने के बाद हमलावर भाग कैसे गये। क्या स्कूल में सीसीटीवी कैमरा लगा है। स्कूल और उसके आस पास लगे सीसीटीवी में क्या अपराधी कैद नहीं हुए और जब निकिता बोलने की स्थिति में नहीं थी तो किसके कहने पर दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसके जवाब शायद इस जघन्य वारदात की एकलौती गवाह खुद पीड़ित निकिता के पास ही था।

लखनऊ के ट्रामा सेंटर में हुई मौत

ट्रामा सेंटर लखनऊ में निकिता का मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी कराया गया था। बयान के जिले के अधिकारियों के मिलने पर मामले का खुलासा हो सकेगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार के अनुसार निकिता काफी टैलेंटेड छात्रा थी। पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद व गायन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी जिसके कारण उसे कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार का कहना है कि निकिता को उसी के आंगन में तेल डालकर जलाया गया है और जिस जगह पर घर के आंगन में उसे जलाया गया वहां पर बाहर से कोई जा नहीं सकता। इससे स्पष्ट होता है कि घर के अंदर का कोई व्यक्ति इस घटना में शामिल हो सकता है, फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अपनी तफ्तीश कर रही है। जबकि सीओ सिटी नीतेश सिंह का कहना है कि निकिता ने संभवता मजिस्ट्रेट को दिये बयान में दो अज्ञात लोगों का ही जिक्र किया है जबकि प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर गंगेश शुक्ला ने बताया कि शनिवार की रात निकिता की ट्रामा सेंटर में मौत हो गई। पूर्व में घटना स्थल का माहौल देखने से लगता है कि निकिता ने खुद ही आत्महत्या की होगी।