
बेटियों की अनोखी शादी का अनूठा कार्ड, सोशल मीडिया पर जमकर हो रहा है वायरल
बांदा. बुंदेलखंड के बांदा जिले में होने वाली दो अनोखी शादियां लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। नरैनी तहसील की इन बेटियों की शादी जहां पूरी तरह इको-फ्रैंडली तरीके से होने जा रही है, वहीं बारातियों को उपहार स्वरूप एक-एक पौधा भी दिया जाएगा। इतना ही नहीं, लगाये गये पौधे की परवरिश का वचन भी उनसे लिया जाएगा। बेटियों की इस अनूठी शादी के लिये छपे खास कार्ड सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं।
नरैनी तहसील के अशोक कुमार पटेल 20 जून को अपनी बेटी लक्ष्मी की शादी इको फ्रैंडली तरीके से करने जा रहे हैं, वहीं 25 जून को तहसील के ही प्रधानपति यशवंत पटेल अपनी भतीजी का हरित विवाह करने जा रहे हैं। इन्होंने कार्ड में श्लोकों के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने वाले स्लोगन लिखवाये हैं। इतना ही नहीं कार्ड में यह भी लिखा है कि विदाई समारोह में प्रत्येक बाराती को एक-एक पेड़ विदाई स्वरूप दिया जाएगा।
प्रकृति सम्यक होंगे विवाह
20 और 25 जून को होने वाले ये दोनों समारोह पूरी तरह से प्रकृति सम्यक होंगे। समारोह में आतिशबाजी के साथ डीजे और प्लास्टिक पर पूरी तरह से प्रतिबंध होगा, वहीं मण्डप से लेकर वर पक्ष की अगुवाई तक पर्यावरण संरक्षण की परिकल्पना केंद्रित रहेगी। विवाह भोज भी पत्तलों पर कराया जाएगा। इतना ही नहीं स्थानीय वन विभाग भी इस विवाह का साक्षी बनेगा।
बारातियों को गिफ्ट में एक-एक पौधा
नरैनी क्षेत्र के खरौंच गांव निवासी अशोक कुमार पटेल की बेटी लक्ष्मी की शादी 20 जून को है। 21 जून को विदाई होगी। अशोक ने कार्ड पर साफ-साफ छपवाया है कि बारातियों को विदाई के वक्त एक-एक पौधा उपहार स्वरूप दिया जाएगा। ये पौधे उन्होंने खुद अपनी नर्सरी में तैयार किये हैं। 25 जून को प्रीति की शादी में भी उसके परिजन बारातियों को गिफ्ट में एक-एक पौधा देंगे। ये पौधे वन विभाग की ओर से वितरित किये जाएंगे। दोनों ही परिवारों के परिजनों का कहना है कि आम लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरुकता लाने के लिये उन्होंने ये कदम उठाया है।
शादी के कार्ड पर लिखे स्लोगन
पर्यावरण बचाओ-देश बचाओ
पेड़ पौधे मत करो नष्ट, सांस लेने में होगा कष्ट।
जन-जन में चेतना लाओ, पर्यावरण की अलख जगाओ।
सारी धरती करे पुकार, पर्यावरण में करो सुधार।
पर्यावरण का रखें ध्यान, तभी बनेगा देश महान।
पत्रिका अभियान- 'हरियाली का सच'
बुंदेलखंड में हरियाली के लिये सरकार प्रति वर्ष करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन हरियाली यहां से नदारद है। अब आम लोगों को जागरुक करने के लिये पर्यावरण प्रेमियों ने नया तरीका निकाला है। इसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। शुरू से ही पत्रिका भी अपने सामाजिक सरोकार निभाता आया है। पर्यावरण के मुद्दे पर पत्रिका ने 'हरियाली का सच' नाम से एक अभियान चलाया हुआ था। हरियाली का सच अभियान के तहत पत्रिका ने सरकार और लोगों के सामने हरियाली का सच रखा। इसमें यह भी सामने आया कि हर साल बड़ी संख्या में पौधे तो रोपित किये जाते हैं, लेकिन इनका संरक्षण नहीं हो पाता। वन विभाग के लखनऊ मंडल के मुख्य वन संरक्षक प्रवीण राय ने बताया कि अब वन विभाग ने पौधों के संरक्षण के लिये चार चरणों की कार्ययोजना तैयार की है।
Published on:
18 Jun 2018, 2:23 PM IST
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