21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी पुलिस भर्ती पर डीजीपी सुलखान सिंह का बड़ा बयान, अब करना होगा इस नियम का पालन

आज यूपी के डीजीपी सुल्खान सिंह ने भी इस पर अहम जानकारी दी और बताया कि भर्ती कैसे होगी.

2 min read
Google source verification
Sulkhan Singh

Sulkhan Singh

बांदा. यूपी पुलिस में अगले वर्ष लाखों भर्तियां होने वाली हैं और इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। आज यूपी के डीजीपी सुल्खान सिंह ने भी इस पर अहम जानकारी दी और बताया कि भर्ती के लिए ऑनलाईन परीक्षा होगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में तीन वर्ष में बंपर भर्ती अभियान चलाया जाएगा। अगले तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 1,70,000 रिक्त पदों को भरा जाएगा।

डीजीपी सुलखान सिंह आज बांदा में सर्किट हाउस में मौजूद थे जहां उन्होंने कहा कि इस व्यापक भर्ती अभियान में दारोगा (सब इंस्पेक्टर) की सभी भर्तियां ऑनलाइन होंगी। इसके विपरीत सिपाही (कांस्टेबल) की भर्तियां लिखित परीक्षा से होगी। जिसमें ओएमआर शीट्स का इस्तेमाल होगा।

पुलिस की पिटाई पर बोले डीजीपी-

डीजीपी ने पुलिस पिटाई के मामलों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों में उद्दंडता बढ़ी है। इसके लिए पुलिस को कानून के माध्यम से कार्रवाई के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। प्रजातंत्र में कानून के माध्यम से कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस की कार्रवाई सेवा के तौर पर होनी चाहिए। यह पुलिस द्वारा सेवा लगे न कि पुलिस फोर्स। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए 1090 की व्यवस्था इसी कड़ी का एक अंग है, जो विश्व में अपने आप में अनोखी है।

नारी सुरक्षा पर बोले सुलखान-

डीजीपी सुलखान सिंह बांदा के सेंटमेरी सेकेंड्री स्कूल में आयोजित नारी सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम में शामिल हुए जहां उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए जरूरी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि पुलिस को लोगों को इज्जत देनी चाहिए। यदि इज्जत नहीं देगी पुलिस तो लोगों को आजादी का एहसास नहीं हो पाएगा। पुलिस को यह अधिकार नहीं कि वह अपनी मर्जी से काम करे। कार्यकाल बढ़ने के समय विशेष उपलब्धि की बात पर कहा कि पुलिस को सही काम सिखाना ही बड़ा काम है। उन्होंने कहा कि मैं पुलिस की बरती जाने वाली सख्ती को गैर कानूनी मानता हूं। उससे पुलिस की छवि खराब होती है। जैसे लोग चाहते हैं वैसे ही पुलिस को काम करना चाहिए। छवि खराब करने से कुछ हासिल नहीं होता।