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एक गुलदस्ते ने बदल दी प्रदेश भाजपा में चल रही अंदरूनी हवा

- विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले येडि के साथ शाह की नाश्ता बैठक- शाह ने विजयेंद्र से लिया गुलदस्ता, थपथपाई पीठ

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एक गुलदस्ते ने बदल दी प्रदेश भाजपा में चल रही अंदरूनी हवा

एक गुलदस्ते ने बदल दी प्रदेश भाजपा में चल रही अंदरूनी हवा

- चुनाव पर चर्चा, पार्टी नेताओं को साफ संदेश

भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के चाणक्य समझे जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने Karnataka Assembly Elections से पहले एक बड़ा राजनीतिक संकेत देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा के आवास पर नाश्ता किया और स्वागत के लिए पेश किया गया फूलों का गुलदस्ता येडियूरप्पा के राजनीतिक उत्तराधिकारी व प्रदेश उपाध्यक्ष बीवाइ विजयेंद्र (BY VIJAYENDRA) के हाथों से स्वीकार किया।

ड्रग्स तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर क्षेत्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करने पहुंचे शाह सबसे पहले येडियूरप्पा के निमंत्रण पर नाश्ते के लिए उनके सरकारी आवास कावेरी पहुंचे। उनके आगमन पर येडियूरप्पा जैसे ही फूलों का गुलदस्ता लेकर उनके स्वागत के लिए आगे बढ़े, शाह ने इशारा किया कि गुलदस्ता विजयेंद्र को दें। पहले येडियूरप्पा समझ नहीं पाए और उन्होंने दोबारा गुलदस्ता भेंट करने की कोशिश की। लेकिन, शाह ने उन्हें फिर से कहा कि गुलदस्ता विजयेंद्र को दें। इसके बाद विजयेंद्र ने येडियूरप्पा के हाथों से फूलों का वह गुलदस्ता लेकर शाह को भेंट किया। शाह ने उसे मुस्कराते हुए स्वीकार किया और विजयेंद्र की पीठ भी थपथपाई।

पार्टी के निर्णय पर लड़ेंगे चुनाव: विजयेंद्र

बैठक के बाद जब विजयेंद्र से पूछा गया कि गुलदस्ता स्वीकार करने पर जोर देकर शाह ने क्या कोई राजनीतिक संदेश दिया है? विजयेंद्र ने कहा कि शाह ने बहुत स्नेह से बात की। इससे उनका हौसला बढ़ा है। उन्हें काम करने की अतिरिक्त शक्ति मिली है। आगामी विधानसभा चुनाव में त्रिशंकु जनादेश नहीं होना चाहिए। सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाकर भाजपा को स्पष्ट बहुमत हासिल करना चाहिए। इस पर चर्चा हुई। उन्होंने एक अन्य प्रश्न के जवाब में कहा कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं एवं नेताओं की सलाह पर शिवमोगा के शिकारीपुर निर्वाचन क्षेत्र में काम कर रहे हैं और वहां का दौरा कर रहे हैं।

इस मामले में पार्टी का निर्देश ही अंतिम होगा। पार्टी जहां से चुनाव लड़ने के निर्देश देगी, वहीं से चुनाव लड़ूंगा। यह पूछे जाने पर कि यदि सिद्धरामय्या मैसूरु के वरुणा से चुनाव लड़ते हैं तो क्या वह उनके खिलाफ चुनाव लड़ेंगे? उन्होंने कहा कि यह पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को तय करना है।

विजयेंद्र ने बताया कि शाह येडियूरप्पा के निमंत्रण पर उनके घर आए थे। उन्होंने कहा कि चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में दोनों नेताओं ने राज्य में राजनीतिक परिदृश्य को लेकर विस्तार से चर्चा की। नाश्ते पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कटील, राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश मामलों के प्रभारी अरुण सिंह, जल संसाधन मंत्री गोविंद कारजोल और परिवहन मंत्री बी.श्रीरामुलू के अलावा प्रदेश भाजपा महासचिव (संगठन) राजेश को भी आमंत्रित किया गया था।

टिकट को लेकर आंतरिक घमासान

शाह का यह संकेत पार्टी के भीतर येडियूरप्पा और विजयेंद्र के आलोचकों को केंद्रीय नेतृत्व के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से येडियूरप्पा और विजयेंद्र पार्टी के कुछ नेताओं के निशाने पर रहे हैं। गोविंदराजनगर के विधायक एवं आवास मंत्री वी.सोमण्णा ने कथित तौर पर दिल्ली में येडियूरप्पा और विजयेंद्र की शिकायत की थी। वहीं, पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव सी.टी. रवि ने विजयेंद्र को टिकट दिए जाने के सवाल पर कहा था कि पार्टी में टिकट पर फैसला किसी नेता के किचन में नहीं होता है। इसके बाद विजयेंद्र ने भी पलटवार करते हुए कहा था कि येडियूरप्पा की खामोशी को कमजोरी समझने वालों को पछताना पड़ेगा। जो भी येडियूरप्पा की आलोचना कर रहे हैं वे सावधान रहें। पार्टी सूत्रों का कहना है कि शाह ने पार्टी के भीतर और बाहर आलोचकों के लिए साफ संकेत दिया है कि येडियूरप्पा कितने महत्वपूर्ण हैं।