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सिद्धू के सभी पत्र बेअसर, पूरी नहीं हुई एक भी मांग

बताया जाता है कि सिद्धरामय्या द्वारा पत्रों को सार्वजनिक किए जाने से कुमारस्वामी नाराज हैं

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सिद्धू के सभी पत्र बेअसर, पूरी नहीं हुई एक भी मांग

बेंगलूरु. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को पांच पत्र लिखे थे लेकिन इनमें जो मांगे रखीं उनमें से एक भी पूरी नहीं हुई है। सिद्धरामय्या ने पेट्रोल, डीजल पर सेस वृद्धि और अन्नभाग्या योजना में प्रति यूनिट दो किलो चावल की कटौती को वापस लेने, राज्य के बेंगलूरु, मैसूरु समेत विभिन्न विश्वविद्यालयों में उनके कार्यकाल में मनोनीत सिंडिकेट सदस्यों को बरकरार रखने तथा बदामी विधानसभा क्षेत्र के लिए विशेष अनुदान की मांगें की थी। लेकिन मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इनमें से एक भी मांग पूरी नहीं की है।


कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मनोनीत कुवेंपु, कर्नाटक महिला विश्वविद्यालय, दावणगेरे, रानी चेन्नम्मा विवि, विजयनगर के कृष्णदेव राय विवि, कर्नाटक राज्य मुक्त विवि, गुलबर्गा विवि, मेंगलूरु विवि, विश्वेश्वरय्या तकनीकी विवि के सभी सिंडिकेट सदस्यों को हटा दिया गया है।

बजट पर हुई बहस के जवाब में मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने पेट्रोल, डीजल पर सेस तथ अन्नभाग्य योजना में प्रति यूनिट दो किलो चावल की कटौती पर चुप्पी साधे रखी।

बताया जाता है कि सिद्धरामय्या द्वारा पत्रों को सार्वजनिक किए जाने से कुमारस्वामी नाराज हैं। लिहाजा उन्होंने सिद्धरामय्या के दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया। इस मामले में जल संसाधन मंत्री डी.के.शिवकुमार ने कुमारस्वामी का समर्थन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या की ओर से ऐसे पत्र सार्वजनिक करने पर आपत्ति दर्ज की थी।

मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी : डॉ. विनोद
बेंगलूरु. वेतन बढ़ाने व अस्पताल के अतिरिक्त कर्मचारियों को हटाने की मांग को लेकर केंपेगौड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (किम्स) के दो हजार से भी ज्यादा चिकित्सक, प्रोफेसर, नर्सें व अन्य कर्मचारी बुधवार को तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे और रिले भूख हड़ताल शुरू किया।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार एस. सी. ने कहा कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए धरना स्थल के पास ही अलग से ओपीडी का संचालन कर रहे हैं। आपातकालीन चिकित्सा जारी है।

उन्होंने कहा, जरूरत नहीं होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने 700 गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को नियुक्त कर रखा है।जबकि ऐसे 220 कर्मचारियों की ही जरूरत है। जिसके कारण नियमित कर्मचारियों को कम वेतन पर गुजारा करना पड़ रहा है। कर्मचारियों को गत दो वर्ष से भत्ता नहीं मिला है।
हड़ताल में शामिल कर्मचारियों में से 1500 कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री एच. डी.कुमारस्वामी को अलग-अलग पत्र भेज अस्पताल का संचालन कर रहे वोक्कालिगा संघ का अधिक्रमण कर प्रशासक नियुक्त करने की अपील की है।