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अभिनेता अंबरीश पंचतत्व में विलीन

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हजारों प्रशंसकों ने दी अश्रुपूरित विदाई
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ambareesh

अभिनेता अंबरीश पंचतत्व में विलीन

बेंगलूरु. कलियुग का कर्ण के नाम से प्रसिद्ध कन्नड़ फिल्मों के जाने-माने अभिनेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री मलवल्ली हुच्चेगौड़ा अंबरीश का सोमवार को यहां श्रीकंठीरवा स्टूडियो में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हो गया। उनके पुत्र अभिषेक गौड़ा ने मुखाग्नि दी। इस दौरान फिल्म जगत और राजनीति से जुड़ी सभी नामचीन हस्तियां मौजूद थीं। अंबरीश का शनिवार की रात हृदयाघात से निधन हो गया था।
रेबल स्टार अंबरीश की पार्थिव देह को सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे मंड्या से वापस कंठीरवा स्टेडियम लाया गया। वहां से दोपहर 12:00 बजे खुले वाहन में उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। हडसन सर्कल, कैंपेगौड़ा रोड, पैलेस रोड, बसवेश्वर सर्कल, विंडसर मैनर सर्कल, कावेरी जंक्शन, भाष्यम सर्कल, सैंकी रोड, यशवंतपुर ब्रिज, गोरगुंटेपाल्या होते हुए शाम करीब 3:45 बजे पुलिस के कड़े इंतजामों के बीच करीब कंठीरवा स्टूडियो पहुंची। जहां लंबे विधि विधान के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने हवा में तीन चक्र गोलियां चलाकर सलामी दी। करीब 13 किमी लंबे और करीब पौनेे चार घंटे के इस सफर के दौरान सड़क के दोनों तरफ भारी संख्या में एकत्रित लोगों ने शव यात्रा के दर्शन किए और रेबल स्टार जिंदाबाद, कलियुग का कर्ण जिंदाबाद, मंड्यद गंडु जिंदाबाद के नारों से आसमान गुंजा दिया।
अंतिम संस्कार में हजारों लोगों के साथ बड़ी संख्या में वीवीआइपी हस्तियों के शामिल होने के मद्देनजर 11 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इसके अलावा 4 हजार यातायात पुलिसकर्मियों, केएसआरपी की 30 टुकडिय़ों, सीएआर की 34 टुकडिय़ों, त्वरति कार्रवाई बल की 3 कंपनियों, 5 आरआइवी वाहनों, 15 डीसीपी तथा 4 अतिरिक्त पुलिस आयुक्तों को तैनात किया गया।
कंठीरवा स्टूडियो में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या, उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर, पूर्व केंद्रीय मंत्री एस.एम. कृष्णा, विधानसभा में विपक्ष के नेता बी.एस. येड्डियूरप्पा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव, कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, विधान परिषद के सभापति बसवराज होरट्टी, मंत्री डीके शिवकुमार, एचडी रेवण्णा, केजे जार्ज, अन्य मंत्रियों के अलावा महापौर गंगाम्बिके मल्लिकार्जुन सहित अनेक नेताओं ने अंबरीश को अंतिम नमन किया।
इसके अलावा आदिचुनचनगिरी मठ के प्रमुख निर्मलानंद नाथ स्वामी, कुंचिटगरा मठ के नंजावधूत स्वामी , तेलुगू फिल्म अभिनेता मोहन बाबू, कन्नड़ फिल्म अभिनेता रविचंद्रन, दर्शन, यश, सरोजा देवी, जया प्रदा, शिव राजकुमार, पुनीत राजकुमार, कुमार बंगारप्पा, दोड्डण्णा, श्रीनाथ, जग्गेश, निर्माता राजेंद्र सिंह बाबू, कन्नड़ फिल्म चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष चन्नेगौड़ा, सारा गोविंदु सहित बड़ी संख्या में फिल्म कलाकार और प्रशंसक मौजूद थे।

स्टूडियो को कब्रगाह बनने से रोकें
बेंगलूरु. कंठीरवा स्टूडियो में कन्नड़ अभिनेता व वरिष्ठ कांग्रेस नेता एमएच अंबरीश के अंतिम संस्कार और मेमोरियल बनाए जाने पर आपत्ति भी जताई गई है। कर्नाटक उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर अधिवक्ता आरएलएन मूर्ति ने कंठीरवा परिसर में अंबरीश मेमोरियल के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है। हालांकि, मूर्ति ने याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी परंतु रजिस्ट्रार पीएन देसाई ने कहा कि यह याचिका अदालत में प्रक्रियाओं के अनुरूप ही सुनवाई के लिए आएगी। मूर्ति ने याचिका दायर कर कहा कि राज्य सरकार को कंठीरवा स्टूडियो में अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हाई कोर्ट इस पर रोक लगाने के लिए तत्काल दिशा निर्देश दे। यह स्टूडियो एक सार्वजनिक संपत्ति है और इसका निर्माण केवल कन्नड़ कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ही होना चाहिए। इसे फिल्म अभिनेताओं का कब्रगाह नहीं बनाया जा सकता। कंठीरवा स्टूडियो में अंतिम संस्कार संविधान एवं कानून का उल्लंघन है और इस प्रस्तावित मेमोरियल के निर्माण पर रोक के लिए अदालत राज्य सरकार को दिशा-निर्देश दे। हालांकि, याचिकाकर्ता ने कहा कि उनकी अम्बरीश से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। कन्नड़ सिनेमा में उनका योगदान अतुलनीय है लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हम संतुलन खो दें और गलत कदम उठाएं।

स्वास्थ्य पर ली थी ज्योतषियों से सलाह
बेंगलूरु. अपनी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति से चिंताग्रस्त अंबरीश डॉक्टरों के साथ ही अन्य प्रकार के लोगों से भी सलाह ले रहे थे। कथित रूप से हाल ही में अंबरीश ने ज्योतिषविदों से भी स्वास्थ्य के बारे में सलाह मांगी थी। अंबरीश के निकटस्थों का कहना है कि सिंगापुर अस्पताल में भर्ती होने के बाद से अंबरीश अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा चिंतित रहने लगे थे। इसमें चिकित्सा उपचारों के अतिरिक्त उन्होंने अपनी कुंडली भी अपने करीबी दोस्तों के साथ साझा की थी और ज्योतिषियों से अपने स्वास्थ्य पर सलाह मांगी थी। फिल्म की चमकदार दुनिया से अलग अंबरीश पूजा-पाठ में भरोसा करते थे अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण समझते थे। हालांकि वह वर्ष में एक बार तिरुपति जाते थे और बीते वर्षों में अक्सर डॉ राजकुमार और डॉ विष्णुवर्धन के साथ कई बार सबरीमाला का दौरा किया था। वहीं हाल ही में उन्होंने धर्मस्थल का दौरा किया और कुछ समय पूर्व ही अपने घर पर भी विशेष पूजा का आयोजन किया था।
कंठीरवा स्टूडियो में स्मारक बनाने के खिलाफ याचिका

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