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आंगनबाड़ी कर्मियों ने मानदेय व अन्य मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआइयूटीयूसी) All India Trade Union Congress से संबद्ध कर्नाटक राज्य संयुक्त आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ Karnataka State Joint Anganwadi Employees Union ने मानदेय को बढ़ाकर 15 हजार रुपए प्रतिमाह करने सहित विभिन्न प्रमुख मांगों को लेकर गुरुवार को शहर Bengaluru के फ्रीडम पार्क Freedom Park में प्रदर्शन किया। राज्य के विभिन्न […]

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कर्नाटक राज्य संयुक्त आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ

आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ मांगों को लेकर बेंगलूरु के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया।

अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआइयूटीयूसी) All India Trade Union Congress से संबद्ध कर्नाटक राज्य संयुक्त आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ Karnataka State Joint Anganwadi Employees Union ने मानदेय को बढ़ाकर 15 हजार रुपए प्रतिमाह करने सहित विभिन्न प्रमुख मांगों को लेकर गुरुवार को शहर Bengaluru के फ्रीडम पार्क Freedom Park में प्रदर्शन किया। राज्य के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं प्रदर्शन में शामिल हुईं।

लागू नहीं किया गया

संघ की प्रमुख मांगों में मासिक मानदेय को 15 हजार रुपए तक बढ़ाना, सेवानिवृत्ति पर 2 लाख रुपए का भुगतान, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ग्रेच्युटी की राशि देना और आंगनबाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्रदान करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें लागू नहीं किया गया है।

संघ ने 2026-27 के राज्य बजट में इन मांगों को शामिल कर ठोस घोषणा करने की मांग की है। इसके अलावा, चिकित्सा सहायता राशि को न्यूनतम 2 लाख रुपए तक बढ़ाने, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की मात्रा बढ़ाने तथा अन्य विभागों के अतिरिक्त कार्यभार से आंगनबाड़ी कर्मियों को मुक्त करने की मांग भी उठाई गई।

महंगाई के इस दौर में पर्याप्त नहीं

प्रदर्शन के दौरान संघ के राज्य अध्यक्ष के. सोमशेखर यादवगिरि ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सी और डी ग्रुप कर्मचारियों के समान कार्य कर रही हैं, लेकिन उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा और वेतनमान नहीं दिया जा रहा है। वर्तमान में कार्यकर्ताओं को अधिकतम 12,500 रुपए तथा सहायिकाओं को 7,000 रुपए मानदेय मिल रहा है, जो महंगाई के इस दौर में पर्याप्त नहीं है।

शीघ्र निर्णय लेने की अपील

संघ की राज्य महासचिव एम. उमादेवी ने कहा कि कार्यभार लगातार बढ़ रहा है, जबकि सुविधाएं और वेतन अपर्याप्त हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बजट में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और संबंधित मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।