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महादेवप्पा सिद्धू से नाराज!

लेकिन महादेवप्पा टी.नरसीपुर क्षेत्र से सुनील तथा सीवी रमन या महालक्ष्मी ले आउट क्षेत्र से खुद का टिकट लेना चाहते हैं

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मैसूरु. जिले की टी.नरसीपुर क्षेत्र से अपने पुत्र सुनील बोस को टिकट नहीं मिलने के संकेत से मंत्री एचसी महादेवप्पा मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या से खफा हैं। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने टी.नरसीपुर क्षेत्र से महादेवप्पा या उनके पुत्र दोनों में से किसी एक को टिकट देने का वादा किया है। लेकिन महादेवप्पा टी.नरसीपुर क्षेत्र से सुनील तथा सीवी रमन या महालक्ष्मी ले आउट क्षेत्र से खुद का टिकट लेना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने पिता-पुत्र दोनों को टिकट देने से इनकार करने के पश्चात सिद्धरामय्या तथा महादेवप्पा के बीच दूरियां बढ़ गई हैं।गत 10 दिन से दोनों के बीच संवाद नहीं है। यहां तक कि महादेवप्पा मुख्यमंत्री का फोन भी नहीं ले रहे हैं। मैसूरजिले की केवल एक विधानसभा सीट ने मुख्यमंत्री तथा महादेवप्पा के बीच 35 वर्ष की दोस्ती में खाई पैदा कर दी है। महादेवप्पा का तर्क यह है कि अगर मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या तथा उनके पुत्र यतिंद्र को टिकट दिया जा सकता है, तो उन्हें और उनके पुत्र को टिकट देने में आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

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अन्न भाग्या के वित्त पोषण पर तकरार
भाजपा नेता का दावा: सरकार ने नगर निगम पर डाला वित्त पोषण का जिम्मा
बेलगावी. सिद्धरामय्या सरकार की अन्न भाग्या जैसी कल्याणकारी योजनाओं को कर्नाटक में कांग्रेस के लिए बड़ा गेम चेंजर माना जा रहा है लेकिन बेलगावी में एक भाजपा पार्षद ने कहा है इन योजनाओं को राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित करने का मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या का दावा गलत है। बेलगावी नगर निगम में भाजपा पार्षद और सत्ताधारी दल के नेता दीपक जमखंडी ने कहा, मुख्यमंत्री लोगों की भावनाओं के साथ खेल रहे हैं। बेलगावी निगम को शहरी विकास विभाग से एक नोटिस मिला है, जिसमें निगम को अन्न भाग्या योजना को वित्त पोषित करने के निर्देश हैं। उन्होंने कहा, इस योजना को कार्यान्वित करने के लिए निगम को ४ करोड़ रुपए चाहिए लेकिन निगम के पास इस मद में खर्च करने की कोई योजना नहीं थी। जब मैंने पूरी प्रक्रिया पर आपत्ति जताई तो एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें बैठक के लिए बुलाया।

आर्थिक संकट में ले जाने वाला कदम
उन्होंने सिद्धरामय्या पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को मुख्यमंत्री के बारे में जानना चाहिए कि असल में इन योजनाओं के सहारे मुख्यमंत्री की लोकप्रियता राज्य को आर्थिक संकट में ले जा रही है।