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जीवन प्रबंधन के लिए अहंकार से बचें

तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में साध्वी लब्धिश्री ठाणा 3 के सान्निध्य में स्व-प्रबंधन सवारें अपना जीवन कार्यशाला

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जीवन प्रबंधन के लिए अहंकार से बचें

मैसूरु. तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में साध्वी लब्धिश्री ठाणा 3 के सान्निध्य में स्व-प्रबंधन सवारें अपना जीवन कार्यशाला संपन्न हुई।
पुष्पा दक के मंगलाचराण् से शुरू कार्यशाला में मंडल अध्यक्ष वनमाला नाहर ने स्वागत किया। साध्वी हेमयशा ने कहा कि क्रोध और अहंकार से बचकर ही हम जीवन का प्रबंधन कर सकते हैं।

साध्वी लब्धिश्री ने कहा कि स्व प्रबंधन है कि हम स्वयं को पहचाने कि हम क्या है। स्वयं द्वारा स्वयं को जानें कि अगर हम आवेश को वश में नहीं करेंगें तो हम स्वयं का प्रबंधन नहीं कर पाएंगे। कार्यों की बहुलता में प्रमुख कार्य को महत्व देना चाहिए। संचालन मंत्री खमोश मेहर ने किया। नूतन मेहता ने आभार ज्ञापित किया। कार्यशाला में 35 सदस्यों ने भाग लिया।

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मूर्खों की प्रशंसा से ज्ञानियों की लताड़ बेहतर
बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ कृष्णराजपुरम के तत्वावधान में साध्वी संयमलता ने कहा कि वृत्ति को श्रेष्ठ बनाओ तो प्रवृत्ति स्वयं श्रेष्ठ बन जाएगी। उन्होने कहा कि मूर्खों से अपनी प्रशंसा सुनने की अपेक्षा ज्ञानी की लताड़ सुनना ज्यादा अच्छा है। अज्ञानी की प्रशंसा आपको गुमराह कर देगी और बुद्धिमान की लताड़ आपको सही मार्ग दिखा देगी।

साध्वी अमितप्रज्ञा ने कहा कि विपत्ति में घबराएं नहीं, प्रलोभन में लुभाएं नहीं। जो व्यक्ति विपत्ति के समय में भी धर्म को अंगीकार करता है उनके चरणों में देवता भी नमस्कार करते हैं। साध्वी कमलप्रज्ञा, साध्वी सौरभप्रज्ञा भी उपस्थित थीं। साध्वीवृंद शुक्रवार को विहार कर उदयनगर जैन स्थानक पहुंचेगी। उनका 1 जुलाई को सुबह 8 बजे अलसूर जैन स्थानक में मंगल प्रवेश होगा।

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मनुष्य भव ही सबसे दुर्लभ
बेंगलूरु. श्रीरामपुरम जैन स्थानक में साध्वी सुमित्राश्री ने धर्मसभा में कहा कि मनुष्य भव ही सबसे दुर्लभ भव है। मनुष्य जीवन ही ऐसा भव है जिसमें हम दान, त्याग, तप, धर्म ध्यान आदि शुभ कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कहते हैं कि देवता भी मनुष्य भव के लिए तरसते हैं। देवता अपने कमाए गए पुण्य को खर्च करते हैं। पुन: धर्म धन की कमाई नहीं कर सकते हैं परंतु हमें नेक नीति से धन कमाना चाहिए।

अनीति, अत्याचार, झूठ, चोरी, दूसरों को कपट माया से ठग कर धन कमाकर धन इकट्टा करना तो मनुष्य जीवन को व्यर्थ धूल में मिलाने के समान है। वर्धमान स्थानक जैन श्रावक संघ अध्यक्ष शांतिलाल खिंवेसरा ने आभार ज्ञापित किया।