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सात जिलों में भारी बारिश से जनजीवन हुआ बेहाल

तटीय, मलनाड और कोडग़ु क्षेत्र में हुई रिकॉर्ड बारिशकोडग़ु में स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी, मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

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सात जिलों में भारी बारिश से जनजीवन हुआ बेहाल

बेंगलूरु. दक्षिण पश्चिम मानसून ने एक बार फिर से तटीय और मलनाड क्षेत्रों में जोर पकड़ा है और पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से करीब सात जिलों में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

भारी बारिश के कारण कावेरी सहित हेमावती, नेत्रावती, सीता, काली, घटप्रभा, लक्ष्मणतीर्थ आदि कई नदियां उभना गई हैं और कई नदियों पर छोटी पुलियों से होकर पानी गुजर रहा है।

मलनाड क्षेत्र, कोडगु, तटीय कर्नाटक के जिलों में बुधवार रात भारी बारिश हुई है। कोडग़ु जिले में गुरुवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में पिछले दो दिनों के दौरान बारिश ने 13 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उडुपी जिले में सर्वाधिक 30 सेमी बारिश हुई जबकि शिवमोग्गा में 26 सेमी बारिश हुई।

मूसलााधार बारिश के कारण उडुपी, दक्षिण कन्नड़, कोडगु, शिवमोग्गा और चिक्कमलूरु में कुछ जगहों पर सड़कों पर जमीन धंसने की घटनाएं सामने आने से कुछ सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। बारिश के साथ करीब 50 किमी की रफ्तार से तेज हवाओं के चलने के कारण मौसम विभाग ने समुद्र में मछली पकडऩे जाने वाले मछुआरों को चेतावनी जारी की है। भद्रा और तुंगा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार गया है और जलाशयों के बढ़ते जलस्तर के कारण भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की वजह से किनारे पर बसे गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।


अगुम्बे घाट में हुआ भूस्खलन
उडुपी जिले में अगुम्बे घाट में गुरुवार सुबह भूस्खलन होने से सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। एक पखवाड़ा पूर्व चारमाडी घाट में भूस्खलन हुआ था जिससे कई दिनों तक सड़क पर यातायात बाधित रहा था।

हालांकि अगुम्बे घाट में सातवें मोड़ पर भूस्खलन एक छोटे से हिस्से में हुआ बावजूद इसके एहतियात के तौर पर कुछ घंटों के लिए वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया। घाट क्षेत्र की यह सड़क शिवमोग्गा और चिक्कमगलूरु जिलों को जोड़ती है। घटना के बाद वरिष्ठ जिला अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।