
बेंगलूरु-मैसूरु मार्ग की तमाम अचडऩें दूर
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि बेंगलूरु-मैसूरु राज्य राजमार्ग को विश्वस्तरीय बनाने की योजना में आ रही तमाम अड़चनों को दूर कर लिया गया है और कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्रालय से सहमति आवश्यक थी। तमाम समस्याओं को दूर कर लिया गया है और जल्द ही इस 10 लेन वाले राजमार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
योग्यता के आधार पर किए तबादले
तबादलों को लेकर आरोपों पर उन्होंने कहा कि उनके कार्यालय में पेमेंट शीट पर तबादलों की कोई गुंजाइश नहीं है। तमाम तबादले योग्यता व मेरिट के आधार पर ही किए गए हैं। बेंगलूरु शहर में समाजकंटकों पर नकेल कसने के लिए चार-पांच दक्ष अधिकारियों को तैनात कर कार्रवाई की पूरी छूट दी गई है। सरकार शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने व निगरानी की माकूल व्यवस्था पर प्रतिबद्ध है। सरकार लोकायुक्त की सिफारिशें लागू कर रही है। किसी अधिकारी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
सबरीमाला जाने वाली महिलाओं को सुरक्षा नहीं देगी सरकार
राज्य सरकार भगवान अय्यप्पा के दर्शन करने सबरीमाला जाने की इच्छुक राज्य की 10 से 50 साल आयु वर्ग की महिला श्रद्धालुओं को कोई सुरक्षा प्रदान नहीं करेगी। यह सिर्फ केरल सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से सुप्रीम कोर्ट के पिछले दिनों दिए गए निर्णय के परिप्रेक्ष्य में जब यह सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि संघीय व्यवस्था में ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया जा सकता। वे दूसरे राज्य की सरकार के कामकाज में कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केरल सरकार ने मंदिर में भगवान के दर्शन करने जाने वाली महिलाओं की सुरक्षा के अपने स्तर पर पूरे इंतजाम किए हैं।
मी टू आंदोलन पर टिप्पणी से इंकार
कुमारस्वामी ने मीटू आंदोलन के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देने से दो टूक इंकार कर दिया और कहा कि वे इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। इस पर समाज के विद्वान वर्ग को चर्चा करने दीजिए।
एलिवेटेड कॉरिडोर
उन्होंने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण के बारे में भी चर्चा चल रही है। 102 किमी लंबे इस कॉरिडोर के निर्माण के पक्ष व विरोध में चर्चा के बीच हम इसे शुरु करने पर प्रतिबद्ध हैं। कॉरिडोर बनने से सालाना करीब 9 हजार करोड़ रुपए की बचत का अनुमान है। अगले डेढ़ माह में परियोजना का ब्लू प्रिंट तैयार होने पर इसे शूरु किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बीबीएमपी को सालाना 100 करोड़ रुपए का बिजली का बिल भरना पड़ता है। यदि कोई निजी कंपनी एलइडी बल्ब लगाने की पहल करे तो बिजली के बिल की 85 प्रतिशत रकम उसे देकर शेष 15 फीसदी राशि बीबीएमपी को दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में मंत्रिमंडल की अगली बैठक में निर्णय किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों पर कचरा बिखरा देख कर मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें शर्मसार होना पड़ रहा है। राज्य सरकार शहर में कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निपटान के समुचित प्रबंध करेगी।
उन्होंने कहा कि वे केवल टैंपल रन ही नहीं कर रहे हैं बल्कि विकास की तरफ भी पूरा ध्यान दे रहे हैं। उनके परिवार की भगवान में गहरी आस्था होने के कारण वे अक्सर भगवान के दर्शनों के लिए जाते रहते हैं।
सार्वजनिक कार्यक्रमों में समय पर नहीं पहुंचने के माले में सफाई देते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि वे रोज आम लोगों से मिलने वाले मुख्यमंत्री हैं और इसी वजह से समय का पालन कर पाना कठिन होता है लेकिन वे जान बूझकर ऐसा नहीं करते हैं।
Published on:
25 Oct 2018 03:53 pm
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