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श्रवणबेलगोला में पहली बार हुआ बाहुबली अष्टक अनुष्ठान

प्रतिदिन प्रज्ञासागर के संघस्थ चैत्यालय में बाहुबली अष्टक अनुष्ठान चल रहा है

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श्रवणबेलगोला में पहली बार हुआ बाहुबली अष्टक अनुष्ठान

श्रवणबेलगोला. बाहुबली के धाम श्रवणबेलगोला में हर ओर जिनेंद्र महाअर्चना की जा रही है। लगगभ सभी मंदिरों में नौ दिवसीय नुष्ठान गतिमान है। आचार्य वर्धमान सागर ससंघ के सान्निध्य में भक्तामर विधान हो रहा है तो उपाध्याय उर्जयन्त सागर की मौन साधना के साथ जाप्यनुष्ठान चल रहा है।

प्रतिदिन प्रज्ञासागर के संघस्थ चैत्यालय में बाहुबली अष्टक अनुष्ठान चल रहा है। अमरर्कीति द्वारा भी प्रतिदिन अनुष्ठान किया जा रहा है।
स्वामी ने कहा कि श्रवणबेलगोला में इस तरह का अनुष्ठान पहली बार हो रहा है। भगवान बाहुबली की स्तुति 1008 बार की जा रही है। इस तरह के आयोजनों ंसे विशुद्धि बढ़ती है।

भंडार बसदी में आयोजित भक्तामर विधान में भक्तामर के 48 श्लोकों की महिमा बताते हुए प्रज्ञासागर ने कहा कि ये श्लोक महामंत्र से कम नहीं हैं। भगवान के आभामण्डल की महिमा बताते हुए मुनि ने कहा कि जहां हमें एक सूरज के तपन से गर्मी लगने लगती है, वहीं भगवान के आभा मंडल की चमक सौ-सौ सूर्यों की स्वर्णिम आभा लिए होता है।

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श्रीरामुलु-रेड्डी का दुर्ग ढहाने को गठबंधन ने कमर कसी
कांग्रेस तथा जनता दल-एस गठबंधन के नेता एकजुट होकर बल्लारी में जनार्दन रेड्डी तथा श्रीरामुलु का दुर्ग ढहाने की पूरी तैयार की है। कांग्रेस ने यहां चुनाव प्रचार के लिए 6 मंत्री, 6 सांसद तथा 52 विधायकों की टीम उतारने का फैसला किया है।

इसके अलावा सुचारु चुनाव प्रचार के लिए 62 जनों की भारी-भरकम चुनाव समिति का गठन किया है।पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या तथा जलसंसाधन मंत्री डी.के. शिवकुमार की रणनीति के तहत यहां श्रीरामुलु को सीधी चुनौती देने के लिए वाल्मीकि समुदाय के ही वी.एस. उग्रप्पा को प्रत्याशी बनाया गया है। इसके अलावा क्षेत्र में लिंगायत, कुरुबा, रेड्डी, अजा-जजा, मुस्लिम तथा ईसाई मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए इसी समुदाय के कांग्रेस नेताओं को दायित्व सौंपा गया है।

यहां पर वर्ष 1999 में सोनिया गांधी की भाजपा की प्रत्याशी सुषमा स्वराज पर जीत के बाद कांग्रेस के हाथ से यह दुर्ग फिसल गया है। उसके बाद से यहां भाजपा का ही परचम लहरा रहा है। कांग्रेस यहां जीत हासिल करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। स्थानीय जद-एस के नेता भी यहां भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस का साथ दे रहें हैं।