
बेंगलूरु संघ ने किए आचार्य महाश्रमण के दर्शन
संत निर्मलानंद स्वामी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आचार्य को बेंगलूरु चातुर्मास में पधारने के लिए आमंत्रित किया
चेन्नई. जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा बेंगलूरु के तत्वावधान में साध्वी कंचन प्रभा की प्रेरणा से 500 श्रावक-श्राविकाओं के दल ने सोमवार को चेन्नई स्थित माधावरम में जैन तेरापंथ नगर स्थित महाश्रमण सभागार में आचार्य महाश्रमण के दर्शन किए। अपने संबोधन में आचार्य ने कहा कि अहिंसा यात्रा में तीन बातों सद्भावना, नैतिकता एवं नशामुक्ति पर ध्यान दिया गया है।
उन्होंने मैत्री भाव रखने एवं ईमानदारी से काम करने एवं नशीले पदार्थों के सेवन से बचने की बात कही। चातुर्मास के दौरान आध्यात्मिक उत्साह व सादगी बनाएं। मूलचंद नाहर के नेतृत्व में संघ के सदस्य चेन्नई पहुंचे। इस दल में आदिचुनचनगिरि मठ के प्रमुख निर्मलानन्द स्वामी, कर्नाटक विधान परिषद सदस्य लहर सिंह सिरोया, बाबूलाल पोरवाल, प्रकाश खींचा, नगीन खींचा, श्रीपाल खिंवेसरा, तेजराज गुलेच्छा, चैनराज छाजेड़, कमल सिपानी, के के भंसाली, प्रकाश पिरगल, किशनलाल कोठारी, प्रकाश सिंघवी, फूलचंद जैन शामिल थे। संघ के प्रायोजक देवराज मूलचंद नाहर चैरिटेबल ट्रस्ट है।
आचार्य महाश्रमण ने अपनी मंगल सन्निधि में बेंगलूरु से पधारे संत निर्मलानंद स्वामी तथा मेजर जनरल नरपत सिंह राजपुरोहित को पावन पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि पूर्ण निष्ठा से मानवता और राष्ट्र की सेवा हो, नैतिकता का विकास हो। संत निर्मलानंद स्वामी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आचार्य को बेंगलूरु चातुर्मास में पधारने के लिए आमंत्रित किया। मेजर जनरल राजपुरोहित ने अपनी भावाभिव्यक्ति देते हुए कहा कि जब तक धर्म का पालन नहीं होता, सेना विजय प्राप्त नहीं कर सकती। हमारा प्रयास होता है कि हम आपकी मंगलवाणी को अपने जीवन में उतारें और देश की रक्षा की हमें सदैव प्रेरणा मिलती रहती है।
जैन समाज में उत्साह
संघ के साथ पहुंचे बेंगलूरु चातुर्मास प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष मूलचंद नाहर ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। उन्होंने कहा कि बेंगलूरु चातुर्मास को लेकर सभी में उत्साह है। सभी आतुरता से इसकी प्रतीक्षा कर रहे हैं।
Published on:
02 Oct 2018 04:58 pm
