
कर्नाटक में होम क्वारंटाइन नियमों के उल्लंघन से बढ़े नए मामले
बेंगलूरु. कर्नाटक में होम क्वारंटाइन कोविड (Home Quarantine in Karnataka) मरीजों की निगरानी स्वास्थ्य विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है। लोग क्वारंटाइन नियम तोडऩे से बाज नहीं आ रहे। अपने साथ ही दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डाल रहे हैं।
कोविड वॉर रूम के कार्यवाहक नोडल अधिकारी मुनीश मौदगिल के अनुसार नियमों की अनदेखी कोविड मामले बढऩे के कई प्रमुख कारणों में से एक है। मास्क व सामाजिक दूरी नियमों की अनदेखी दो अन्य कारण हैं जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि 15 से 20 सितंबर के बीच होम क्वारंटाइन निगरानी ऐप में उल्लंघन के कुल 1,08,303 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 18,526 मामले 20 सितंबर को सामने आए हैं। 4,229 मरीजों को संस्थागत क्वारंटाइन केंद्र भेजा गया। 21 सितंबर तक कुल 2,621 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। अब तक 7,52,617 लोगों को चेतावनी दे छोड़ा गया है।
पांच लाख से ज्यादा क्वारंटाइन
प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के सोमवार तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 5,03,570 लोग होम क्वारंटाइन हैं। बेंगलूरु शहरी जिले और बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका क्षेत्र में सर्वाधिक 2,09,773 लोग होम क्वारंटाइन हैं। उल्लंघन के सबसे ज्यादा 36,712 मामले यहीं से हैं। 7,517 मामलों के साथ मैसूरु जिला दूसरे और 5,989 मामलों के साथ दक्षिण कन्नड़ जिला तीसरे स्थान पर है।
बहानेबाजी और अनभिज्ञता
- बेंगलूरु दक्षिण और पूर्व में उल्लंघन के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। युवाओं को घरों में रख पाना बड़ी चुनौती है। पकड़े जाने पर कई कहते हैं कि उन्हें पता नहीं था कि घर से बाहर नहीं निकलना है तो कई घरों में ऊब जाने की बात कहते हैं।
- होम क्वारंटाइन नियमों को सख्ती से लागू करने की जिम्मेदारी उठाए अधिकारियों के अनुसार उल्लंघन करने वाले 60 फीसदी लोग साफ मना कर देते हैं। कई लोग दोस्तों से मुलाकात और घर के लिए जरूरी चीजों की खरीदारी का हवाला देते हैं।
- अब तक ऐसे लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्राथमिकी में ये नामजद होते हैं। बाद में उन्हें चेतावनी दे कर छोड़ दिया जाता है।
Published on:
23 Sept 2020 06:55 pm
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