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मातृभाषा के साथ अंग्रेजी में दक्ष बनेंगे बच्चे, 4 हजार सरकारी स्कूलों में शुरू होगा द्विभाषी अनुभाग

सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार, कोडिंग ,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व ढांचागत सुविधाएं बढ़ाने सहित शिक्षकों व व्याख्याताओं की नियुक्तियों पर जोर दिया।
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बैंगलोर

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Nikhil Kumar

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Updated: 8 Mar 2025, 4:01 PM IST

-शिक्षा के लिए 45286 करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा

बेंगलूरु.

मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने शुक्रवार को पेश बजट Karnataka Budget में शिक्षा क्षेत्र के लिए 45,286 करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा की। यह कुल बजट का 10 फीसदी है। सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार, कोडिंग ,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व ढांचागत सुविधाएं बढ़ाने सहित शिक्षकों व व्याख्याताओं की नियुक्तियों पर जोर दिया।

- 100 पात्र सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालयों को हाई स्कूलों में तथा 50 पात्र हाई स्कूलों को प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में अपग्रेड करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

- 2,619 सरकारी स्कूलों में शुरू की गई प्री-प्राइमरी कक्षाओं को 90,195 बच्चों के दाखिले के साथ अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। इस योजना को 70 करोड़ रुपए की लागत से कुल 5,000 स्कूलों तक बढ़ाया जाएगा।

-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित कालिका दीपा कार्यक्रम को 2,000 स्कूलों में छात्रों तक विस्तारित किया जाएगा।

-सरकारी स्कूलों में विज्ञान और गणित शिक्षण में नवाचार लाने के लिए खान अकादमी के सहयोग से ज्ञान सेतु कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। इस पहल से 5,000 सरकारी स्कूलों के 20 लाख छात्रों और 15,000 शिक्षकों को लाभ मिलेगा।

-सरकारी स्कूलों के छात्रों को कोडिंग सिखाने के लिए अगस्त्य फाउंडेशन के सहयोग से आई-कोड लैब की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना के तहत आईसीटी सुविधाओं वाले 63 चुनिंदा स्कूलों को हब के रूप में पहचाना जाएगा, जिससे 756 स्पोक स्कूलों को लाभ मिलेगा।

-राज्य के 4,000 सरकारी स्कूलों में द्विभाषी अनुभाग शुरू किए जाएंगे ताकि छात्रों की अंग्रेजी भाषा के साथ-साथ मातृभाषा में भी दक्षता बढ़ाई जा सके।

-सरकारी स्कूलों और पीयू कॉलेजों में 725 करोड़ रुपए की लागत से अतिरिक्त कक्षाएं, शौचालय और मरम्मत कार्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा और 50 करोड़ रुपए की लागत से आवश्यक फर्नीचर उपलब्ध कराया जाएगा।

-मिड-डे मील योजना के तहत राज्य के 16,347 स्कूलों में नए बर्तन उपलब्ध करवाने तथा रसोई घरों के आधुनिकीकरण के लिए 46 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे।

-अक्षरा आविष्कार योजना के तहत कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के चुनिंदा 50 स्कूलों को 200 करोड़ रुपए की लागत से कर्नाटक पब्लिक स्कूलों के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।

-दक्षिण कन्नड़ जिले के पिलिकुल में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स अंतर्राष्ट्रीय युवा प्रशिक्षण केंद्र के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे।

-कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के सरकारी प्राथमिक और उच्च विद्यालयों में 5,267 रिक्त शिक्षण पदों को भरा जाएगा। शेष रिक्तियों को युक्तिसंगत बनाने के लिए भी कार्रवाई की जाएगी और 5,000 पदों को भरने के लिए कदम उठाए जाएंगे।