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34 हजार करोड़ के कृषि ऋण माफी पर बनी सहमति

न्यूनतम साझा कार्यक्रम समिति की बैठक

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34 हजार करोड़ के कृषि ऋण माफी पर बनी सहमति

समिति ने दोनों दलों के चुनाव घोषणा पत्र के आधार पर गठबंधन सरकार के लिए तैयारी किए गए न्यूनतम साझा कार्यक्रम के मसौदे को भी अनुमोदित कर दिया

बेंगलूरु. राज्य में किसानों के कृषि ऋण माफी का रास्ता साफ हो गया है। सत्तारुढ़ गठबंधन के दोनों घटकों- कांगे्रस और जद-एस की समन्वय समिति की ओर से गठित न्यूनतम साझा कार्यक्रम समिति में ऋण माफी के प्रस्ताव पर सहमति बन गई।

अब रविवार को होने वाली समन्वय समिति की बैठक में इसका अनुमोदन किया जाएगा। इसके बाद 5 जुलाई को पेश होने वाले बजट में कुमारस्वामी सरकार ऋण माफी की घोषणा करेगी।


एक दशक के कर्ज होंगे माफ
शुक्रवार को न्यूनतम साझा कार्यक्रम समिति की करीब दो घंटे तक चली बैठक में 34 हजार करोड़ रुपए के कृषि ऋण माफी के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सूत्रों के मुताबिक ऋण माफी के दायरे में सहकारी के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैकों से लिए गए कृषि ऋण भी आएंगे। सूत्रों के मुताबिक ऋण माफी योजना के लिए जो समय सीमा तय की गई है उसके मुताबिक इसका लाभ 1 अप्रेल 2009 से 31 मई 2018 के बीच कृषि ऋण लेने वाले किसानों को मिलेगा।

समिति ने दोनों दलों के चुनाव घोषणा पत्र के आधार पर गठबंधन सरकार के लिए तैयारी किए गए न्यूनतम साझा कार्यक्रम के मसौदे को भी अनुमोदित कर दिया। इसमें दोनों दलों के अधिकांश चुनावी वादों को शामिल किया गया है। रविवार को सिद्धरामय्या की अध्यक्षता में होने वाली समन्वय समिति की बैठक में न्यूनतम साझा कार्यक्रम को मंजूरी दी जाएगी और उसे बजट प्रस्तावों में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी पहले ही पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यक्रमों को जारी रखने का संकेत दे चुकेे हैं। कांग्रेस नेता एम वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता में हुई न्यूनतम साझा कार्यक्रम समिति की बैठक में कांग्रेस की ओर से मंत्री आर वी देशपांडे, डी के शिवकुमार और जद एस की ओर से एच डी रेवण्णा और बंडप्पा कामशपुर शामिल हुए।