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1800 करोड़ की लागत से 11 हजार पुलिस आवासों का निर्माण

पुलिस विभाग में 1.16 लाख पद हैं जिनमें से अब 25 हजार पद ही रिक्त बचे हैं
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g parmeshwara

1800 करोड़ की लागत से 11 हजार पुलिस आवासों का निर्माण

बेंगलूरु. राज्य के उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि राज्य में 1818 करोड़ रुपए की लागत से पुलिस कर्मियों के लिए आवास निर्मित करने की योजना प्रगति पर है और इसमें से 8 हजार मकानों का निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। पुलिस विभाग में 1.16 लाख पद हैं जिनमें से अब 25 हजार पद ही रिक्त बचे हैं।

परमेश्वर सोमवार को हुब्बली में नगर सशस्त्र आरक्षित बल (सीएआर) परिसर में पुलिसकर्मियों व अधिकारियों के आवास सौंपने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस को राजस्व निरीक्षकों के समान वेतन देने के लिए वेतनमानों में बदलाव करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा पुलिस आरोग्य भाग्या योजना के तहत हुब्बली, धारवाड़ में चार प्रमुख अस्पतालों को शामिल किया गिया है और इसके अलावा और भी अच्छे अस्पतालों को इस योजना के दायरे में लाने के कदम उठाए जाएंगे।

विधायक जगदीश शेट्टर ने कहा कि चौबीस घंटे परिश्रम करने वाले पुलिसकर्मियों को तमाम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के सरकार को कदम उठाने चाहिए। हुब्बली-धारवाड़ में पश्चिम मोबाइल थाने तथा आनंद नगर में नए थाने की स्थापना की जानी चाहिए। युवाओं में बढ़ती मादक पदार्थ की लत पर चिंता जताते हुए शेट्टर ने कहा कि मनोरंजन के नाम पर जुए के अड्डे चलाने वालों व महंगी ब्याज दरों पर ऋण देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। विधान परिषद के कार्यवाह सभापति बसवराज होरट्टी ने पुलिसकर्मियों के लिए राशन वितरण की व्यवस्था जारी रखने व जुड़वां शहरों में पुलिस सामुदायिक भवन का निर्माण किए जाने की मांग की। सांसद प्रहलाद जोशी ने कहा कि पुलिसकर्मियों के हितों की रक्षा के लिए ओरादकर समिति की रिपोर्ट को लागू किया जाना चाहिए।

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कन्नड़ सीखो अभियान में सहयोग करने का आग्रह
बेंगलूरु. सर्वजन एकता मंच ने अपने कन्नड़ सीखो अभियान में बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका से सहयोग की मांग को लेकर महापौर गंगाम्बिका मल्लिकार्जुन से मुलाकात की। मंच ने आग्रह किया कि शहर के प्रत्येक क्षेत्र में सरकारी स्कूल के कन्नड़ शिक्षकों को कन्नड़ सीखो अभियान में सहयोग देना चाहिए। इसके लिए महापौर से सहयोग करने का आग्रह किया गया। मंच द्वारा प्रत्येक रविवार को सुबह 11 बजे से 12 बजे तक कन्नड़ सिखाने की कक्षाएं संचालित होती हैं।

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