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देवेगौड़ा का गठबंधन में तनाव से इनकार

कहा : 5 को ही पेश होगा नया बजट

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देवेगौड़ा का गठबंधन में तनाव से इनकार

बेंगलूरु. जद-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देेवेगौड़ा ने बुधवार को कहा कि गठबंधन सरकार को कोई खतरा नहीं है। देवेगौड़ा ने दोनों दलों के बीच तनाव से इनकार करते हुए कहा कि कुमारस्वामी ५ जुलाई को नया बजट पेश करेंगे और इसे लेकर कोई संशय नहीं है।

इस बीच, देवेगौड़ा बुधवार सुबह एक संसदीय समिति की बैठक में भाग लेने दिल्ली गए। दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में देवेगौड़ा ने बजट पर चल संशय के बारे में पूछे जान पर पत्रकारों से कहा कि अब इस मसले पर चर्चा का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि यह तय हो चुका है कि कुमारस्वामी ५ जुलाई को बजट पेश करेंगे और १२ जुलाई तक वह पारित हो जाएगा।

देवेगौड़ा ने कुमारस्वामी के पूरक बजट पेश करने के सुझाव के बारे मेें पूछे जाने पर कहा कि पहले भी नई सरकार नया बजट पेश कर चुकी है। चर्चा थी कि दिल्ली में देवेगौड़ा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सिद्धरामय्या के बयान के कारण उपजे हालात पर चर्चा करेंगे। हालांकि, देवेगौड़ा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की उनकी कोई योजना नहीं है। देवेगौड़ा ने कहा कि वे गुरुवार सुबह बेंगलूरु लौटेंगे।

कांग्रेस आलाकमान करे दखल
दिल्ली रवाना होने से पहले देवेगौड़ा ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस आलाकमान को दखल देना चाहिए। देवेगौड़ा ने कहा कि गठबंधन सरकार को बचाने के लिए अब कांग्रेस आलाकमान को दखल देना चाहिए। देवेगौड़ा ने कहा कि सरकार के कामकाज में सिद्धरामय्या का दखल बढ़ रहा है और यह सही नहीं है। देवेगौड़ा ने कहा कि कुमारस्वामी ने चुनाव से पहले कृषि ऋण माफ करने का वादा किया था लेकिन किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला जिसके कारण गठबंधन सरकार में सहयोगी दल से हर बात पर सहमति लेनी पड़ती है। देवेगौड़ा ने कहा कि दुबारा बजट पेश करने को सही करार देते हुए कहा कि चुनाव में जिस पार्टी को जनता ने नकार दिया उसके पेश किए हुए बजट को कैसे जारी रखा जा सकता है।

देवेगौड़ा ने कहा कि कुमारस्वामी ने विशेषज्ञों से चर्चा करने के बाद ऋण माफ करने का निर्णय लिया है और उन्होंने भी कुछ सुझाव इस बारे में दिए हैं। देवेगौड़ा ने कहा कि उन्होंने दो चरणों में ऋण माफ करने और विभागीय आवंटन में २५ फीसदी कटौती का सुझाव दिया है। देवेगौड़ा ने तंज करते हुए कहा कि सिद्धरामय्या अपना उपचार कराने गए हैं या गुप्त तरीके से राजनीति करने। देवेगौड़ा ने कहा कि सिद्धरामय्या को साफ करना चाहिए कि वे क्या चाहते हैं, इससे सरकार चलाने में आसानी होगी। देवेगौड़ा ने कहा कि कांगे्रस को अपने नेताओं की अनावश्यक बयानबाजी पर रोक लगानी चाहिए।