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देवेगौड़ा-परमेश्वर बोले : सरकार को खतरा नहीं

परमेश्वर ने बजट पर अप्रासंगिक बयानों को लेकर सिद्धरामय्या पर निशाना भी साधा

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देवेगौड़ा-परमेश्वर बोले : सरकार को खतरा नहीं

बेंगलूरु. दुबारा पूर्ण बजट पेश करने को लेकर कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं और जद-एस के बीच घमासान नहीं थम पा रहा है। कांग्रेस आलाकमान के दखल के बावजूद सिद्धरामय्या की टिप्पणियों के कारण कांग्रेस में असंतुष्टों की गोलबंदी बढ़ी है।

सिद्धरामय्या समर्थक 10 विधायक और दो मंत्री बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री से मिलने धर्मस्थल के प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र पहुंचे। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री डॉ जी परमेश्वर ने कहा कि एच डी कुमारस्वामी सरकार को कोई खतरा नहीं है और गठबंधन सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। परमेश्वर ने बजट पर अप्रासंगिक बयानों को लेकर सिद्धरामय्या पर निशाना भी साधा। सिद्धरामय्या के वीडियो पर मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि दोनों दलों में कोई मतभेद नहीं है और पूरा विवाद मीडिया की उपज है। कुमारस्वामी ने दोहराया कि सरकार पांच का कार्यकाल पूरा करेगी।

मंत्री रमेश जारकीहोली के नेतृत्व में सिद्धरामय्या समर्थक विधायकों का जत्था बुधवार सुबह शहर के एचएएल हवाई अड्डे से मेंगलूरु रवाना हुआ। धर्मस्थल के मंजुनाथ स्वामी मंदिर में दर्शन करने के बाद विधायक सिद्धरामय्या से मुलाकात करने बेलतंगड़ी के चिकित्सा केंद्र पहुंचे। विधायकों ने सिद्धरामय्या से काफी देर तक बंद कमरे में चर्चा की। बाद में जारकीहोली ने कहा कि वे लोग सिद्धरामय्या का कुशलक्षेम पूछने के लिए यहां आए थे। इसका राज्य की राजनीति और बजट पर चल रहे विवाद को कोई संबंध नहीं है।


खरगे-वेणुगोपाल करेंगे बात
इस बीच, खबर है कि सिद्धरामय्या के बयान से गठबंधन के सहयोगी जद-एस के साथ बढ़ी खटास को दूर करने की जिम्मेदारी पार्टी आलाकमान ने दो वरिष्ठ नेताओं- लोकसभा में पार्टी के नेता मल्ल्किार्जुन खरगे और प्रदेश प्रभारी के सी वेणुगोपाल को सौंपी है। बताया जाता है कि आलाकमान ने वेणुगोपाल को बेंगलूरु पहुंच कर असंतुष्ट नेताओं से बातचीत कर उन्हें राजी करने के निर्देश दिए हैं जबकि कांगे्रस आलाकमान के कुमारस्वामी को नया बजट पेश करने के प्रस्ताव को हरी झंडी से नाराज चल रहे सिद्धरामय्या को मनाने की जिम्मेदारी खरगे को सौंपी गई है।

खरगे ने बुधवार को दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उन्होंने सिद्धरामय्या का वीडियो नहीं देखा है लेकिन गुरुवार को वे सिद्धरामय्या से मुलाकात कर इस बात पर चर्चा करेंगे कि उन्होंने किस संदर्भ में यह बात कही थी या उसे दोनों दलों के बीच राजनीतिक मनमुटाव बढ़ाने की कोशिश के तहत गलत तरीके से पेश किया गया।खरगे ने कहा कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए दोनों धर्मनिरपेक्ष दलों ने गठबंधन किया था और उसे मजबूत करना दोनों दलों की जिम्मेदारी है। खरगे ने कहा कि राज्य के राजनीतिक हालात पर नजर रखे हुए हैं और वे इस मसले पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करेंगे।