
डीएसएस मरीज: समय रहते पहचान व उपचार जरूरी
बेंगलूरु. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार इस वर्ष अब तक 1979 लोग डेंगू मच्छरों के शिकार हुए। बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका क्षेत्र में डेंगे के सबसे ज्यादा 313 मरीज मिले हैं। विभाग डेंगू के सभी मरीजों को एक नजरिये से आकलन करता है। ऐसे में डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस) के मरीजों के छूटने की संभावना है। जबकि कुछ महीनों में इसके मरीजों की संख्या बढ़ी है। शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों का कहना है कि हर साल वे डीएसएस के 10 से ज्यादा मरीजों का उपचार करते हैं।
फोर्टिस अस्पताल के बाल रोग विशेष डॉ. योगेश गुप्ता ने बताया कि हाल ही में उन्होंने डीएसएस के 13 वर्षीय मरीज रवि (परिवर्तित नाम) का उपचार किया। हासन के रवि और उसके पिता दोनों को डेंगू था। लेकिन रवि की हालत ज्यादा खराब होने के बाद उसे अस्पताल लाया गया।एक साथ इन्सेफेलाइटिस और डीएसएस के कारण रवि कोमा में चला गया था।
गुर्दा, यकृत, मस्तिष्क और फेफड़े ठीक से काम नहीं कर रहे थे।समय रहते उचित उपचार से रवि को बचाने में कामयाबी मिली। मणिपाल अस्पताल के गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. सुदर्शन बल्लाल के अनुसार डीएसएस एक बेहद चिंताजनक स्थिति है। इसमें शरीर के कई अंग एक साथ काम करना बंद कर देते हैं या फिर कार्य क्षमता बुड़ी तरह से प्रभावित होती है। 90 फीसदी मामलों में उपचार में देरी के कारण मरीज की मौत हो जाती है।
सीरवी समाज का वार्षिक सम्मेलन 11 को
बेंगलूरु. सीरवी समाज कर्नाटक ट्रस्ट की ओर से 39वां वार्षिक सम्मेलन का आयोजन आगामी 11 सितम्बर को फ्रीडम पार्क में किया जाएगा। सचिव ओमप्रकाश बर्फा के अनुसार इ10 सितम्बर को भजन-कीर्तन एवं वरघोड़ा की बोलियां रात्रि को फ्रीडम पार्क में होंगी। 11 सितम्बर को सुबह आई माता का वरघोड़ा मंदिर से रवाना होकर फ्रीडम पार्क पहुंचेगा।
केपीएल-7 आज से
बेंगलूरु. कुमावत समाज क्रिकेट प्रीमियर लीग-7 शनिवार को रेलवे मैदान में शुरू होगी। दो दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता में कुल 9 टीमें भाग लेंगी। बहादुर कुमावत की अध्यक्षता में पहले दिन सात लीग मैच होंगे। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि चुन्नीलाल कुमावत, एस रविंद्र, लक्ष्मी नारायण आदि गोयल होंगे।

Published on:
25 Aug 2018 05:59 pm
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