
बेंगलूरु के कुछ बाजारों में, एक सहजन फिलहाल 25-30 रुपए में बिक रहा है, जबकि खुदरा दुकानों में इसकी कीमत 350 से 400 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
आम आदमी के भोजन को स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाने वाला सहजन Drumstick ( अंग्रेजी में ड्रमस्टिक और कन्नड़ में नुग्गेकाई) फिलहाल आम आदमी की थाली से दूरी बना रहा है। सांबर में जादू जैसा स्वाद भरने वाला सहजन सब्जी की दुकानों में दिखाई तो देता है लेकिन कीमत आसमान पर होने के कारण खरीदार कम हो गए हैं। एक समय में बेहद सस्ती मिलने वाली यह सब्जी अब सर्दियों में कम आपूर्ति और ज्यादा मांग के कारण कीमतों की सीढ़ी पर तेजी से चढ़ गई है।
बेंगलूरु के कुछ बाजारों में, एक सहजन फिलहाल 25-30 रुपए में बिक रहा है, जबकि खुदरा दुकानों में इसकी कीमत 350 से 400 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
मालूम हो कि महज एक महीने पहले सहजन की कीमत 150-200 रूपए प्रति किलो थी। एक सहजन 5 से दस रूपए में मिल जाता जाता था लेकिन अब दोगुना से अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। इस भारी उछाल ने उपभोक्ताओं और खुदरा विक्रेताओं दोनों को हैरान कर दिया है।
मालूम हो कि कर्नाटक में सहजन की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा तमिलनाडु से आता है। लेकिन इस साल, तमिलनाडु में फसल की कटाई में काफी देरी हुई है, जिससे आपूर्ति में 60 प्रतिशत की गिरावट आई है।
हाल ही में चक्रवात दित्वाह ने तटीय तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में व्यवधान पैदा किया। इस प्राकृतिक आपदा ने फसल चक्र को सीधे प्रभावित किया, जिससे सहजन की आवक और कम हो गई।
राजाजीनगर में सब्जी विक्रेता संगीता कहती हैं कि कर्नाटक में अभी सहजन उगाने का मौसम नहीं है। स्थानीय खेतों में उत्पादन नहीं हो रहा है और कोई बैकअप आपूर्ति उपलब्ध नहीं है। तमिलनाडु से अब आपूर्ति बढ़ रही है तो कुछ दिनों बाद यह सामान्य मूल्य पर उपलब्ध हो सकता है।
फिलहाल, थोक और खुदरा कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। बेंगलूरु के सबसे व्यस्त थोक बाजारों में से एक, के.आर. मार्केट में अब सहजन की एक जोड़ी की कीमत 40 रुपए है।
भारतीय व्यंजनों में सहजन केवल एक साधारण सब्जी नहीं है। कर्नाटक और तमिलनाडु में सांबर और रसम में भी सहजन को अनिवार्य माना जाता है। शादियों, धार्मिक समारोहों और अन्य विशेष अवसरों पर इनकी भारी मांग रहती है, जिससे त्योहारी सीजन के दौरान इस मूल्य वृद्धि की मार और भी अधिक पड़ रही है।
बता दें कि बेजोड़़ स्वाद के अलावा, सहजन पोषण का एक पावरहाउस है। इसकी फलियां, पत्तियां और फूल आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। इनका उपयोग आयुर्वेद और घरेलू उपचारों में रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन बढ़ाने के लिए किया जाता है। यही कारण है कि कीमतें इतनी अधिक होने के बावजूद, कई परिवार अभी भी कम मात्रा में ही सही, लेकिन बुजुर्गों और बच्चों के लिए इसे खरीदने की कोशिश कर रहे हैं।
Updated on:
05 Jan 2026 07:51 pm
Published on:
05 Jan 2026 07:50 pm
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