
उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा मिलने से भाविसं का होगा चौतरफा विकास
बेंगलूरु. शहर के प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएसी) को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा देने के लिए अधिसूचित कर दिया गया है।
इससे संस्थान को मानव संसाधन विभाग की ओर से मिलने वाले कुल अनुदानों के अलावा अगले 5 वर्ष तक 1 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त मिलेंगे।
भाविसं ने यहां सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा हासिल होने से संस्थान को कई क्षेत्रों में अधिक स्वायत्तता मिलेगी।
अब संस्थान विदेशी संकायों को जोड़कर कुल संकाय क्षमता का 25 फीसदी तक कर सकता है।
इसके साथ ही निजी संसाधनों जैसे संस्थान के पूर्व सदस्यों, उद्योगों एवं समाजसेवियों को भी अपने परिचालन में जोड़ सकता है।
संस्थान अपने स्तर से जुटाई गई इतनी ही राशि इसमें शामिल कर कई गतिविधियों को आगे बढ़ाएगा।
भाविसं अनुसंधान एवं बुनियादी ढांचे के विस्तार के अपने महात्वाकांक्षी कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगा।
संस्थान के संकाय और छात्रों की संख्या 20 फीसदी तक बढ़ाई जाएगी।
भाविसं विज्ञान एवं इंजीनियरिंग की सभी शाखाओं में नए विषयों की शुरुआत करेगा और रखरखाव, परिचालन सपोर्ट, कंम्प्यूटेशनल आदि सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
इसके अलावा पोस्ट डॉक्टरेट फेलो की एक संस्कृति स्थापित की जाएगी।
विजिटिंग प्रोफेसरों, सम्मेलनों में शिरकत करने के लिए सपोर्ट, दूसरे देशों के छात्रों के नामांकन और विभिन्न विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी कर भाविसं अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी बढ़ाएगा।
उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा मिलने से आईआईएससी भौतिक और आइटी के क्षेत्र में अपनी बुनियादी सुविधाओं को उन्नत बनाएगा।
इन तमाम उन्नयन के बाद भाविसं विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालयों के साथ बेहतर ढंग से प्रतिस्पद्र्धा कर सकेगा और वैश्विक रैकिंग में भी सुधार होगा।
Published on:
07 Nov 2018 02:28 pm
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