
ऋण माफ करने की मांग को लेकर किसानों ने निकाली रैली
बेंगलूरु. किसानों की फसलों का वाजिब मूल्य तय करने तथा लघु व मध्यम किसानों का ऋण माफ करने की मांग को लेकर सैकड़ों किसानों ने शनिवार को यहां विशाल विरोध रैली निकाली।
नवलगुंद-नरगुंद गोलीकांड में शहीद हुए किसानों के 38 वें शहीद दिवस के उपलब्ध में कर्नाटक राज्य रैयत संघ तथा हसिरू सेने ने रैली आयोजित की। विभिन्न जिलों से आए किसानों ने सिटी रेलवे स्टेशन से फ्रीडम पार्क तक रैली निकालकर सरकार से अपनी मांगें पूरी करने का अनुरोध किया।
रैयत संघ के अध्यक्ष जीजी हल्ली बी. नारायणस्वामी ने कहा कि अन्नभाग्या तथा इंदिरा कैटींन जैसी योजनाओं से किसानों को आलसी बनाने के बजाय सरकार को किसानों की फसलों का अच्छा मूल्य देने के कदम उठाने चाहिए और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को तत्काल लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफ करने तथा सभी किसानों व कृषि श्रमिकों के परिजनों को नि:शुुल्क स्वास्थ्य व जीवन बीमा योजनाओं का लाभ देने की मांग की। उन्होंने कहा कि लघु व मध्यम स्तर के किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाना चाहिए और दुग्ध उत्पादन, कुक्कुट पालन, भेड़ बकरी-पालन, ***** पालन जैसे सहायक कृषि ऋणों को भी माफ किया जाना चाहिए।
बसनगौड़ा ने कहा कि उत्तर कर्नाटक में अनार व अंगूर उत्पादन करने वाले किसानों के फसल ऋण माफ किए जाने चाहिए और महादयी परियोजना को लेकर उत्पन्न विवाद को केन्द्र के सहयोग से खत्म किया जाए। इससे पहले किसानों के पैदल मार्च के दौरान पुलिस की भारी सुरक्षा की गई और किसानों के विरोध मार्च के कारण शहर के मैजेस्टिक व आसपास के इलाकों में कुछ देर के लिए यातायात बाधित हुआ।
पूरा कृषि ऋण माफ करने की मांग को लेकर धरना
मण्ड्या. कर्नाटक राज्य किसान संघ ने सर विश्वेश्वरय्या प्रतिमा के सामने शनिवार को पूरा कृषि ऋण माफ करने की मांग पर धरना प्रदर्शन किया।
संघ अध्यक्ष बोराशंकरे गौड़ा ने कहा कि किसानों की हालत देखते हुए पूरा कृषि ऋण माफ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी चुनाव में किए वादे से मुकर रहे हैं। प्रदर्शन में उपाध्यक्ष विश्वनाथ, कार्यदर्शी स्वामी गौड़ा आदि मौजूद रहे।
Published on:
22 Jul 2018 05:23 pm
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