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गौरी लंकेश हत्याकांड : एक और हत्या की तैयारी कर रहा था वाघमारे!

अदालत ने वाघमारे को पूछताछ के लिए 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है
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बैंगलोर

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Ram Naresh Gautam

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Updated: 13 Jun 2018, 5:55 PM IST

gauri lankseh

गौरी लंकेश हत्याकांड : एक और हत्या की तैयारी कर रहा था वाघमारे!

बेंगलूरु. पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए संदिग्ध युवक के बारे में विशेष जांच दल (एसआइटी) को पता चला है कि वह एक और हत्या की तैयारी कर रहा था।

सूत्रों के अनुसार एसआइटी ने अदालत को बताया कि आरोपी पुरषोत्तम वाघमारे (26) गौरी लंकेश की हत्या में सीधे तौर पर शामिल है और वह इसी तरह की वारदात को एक बार फिर अंजाम देने की तैयारी कर रहा था।

अदालत ने वाघमारे को पूछताछ के लिए 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। हालंाकि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अब तक की पूछताछ में उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो सके कि वाघमारे ही गौरी लंकेश का हत्यारा है।

कहा जा रहा है कि एसआइटी को इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि गौरी लंकेश और प्रो. एमएन कलबुर्गी की हत्या में सीधा संबंध है और दोनों को 7.65 कैलिबर की देसी पिस्तौल से गोली मारी गई थी। 77 साल के प्रो. कलबुर्गी को 30 अगस्त 2015 को धारवाड़ स्थित उनके निवास पर सुबह के समय गोली मारी गई थी।

एक सप्ताह तक रहा था बेंगलूरु में
एसआइटी की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि वाघमारे गौरी की हत्या करने से पहले करीब एक सप्ताह से बेंगलूरु में ही था। गौरी लंकेश के घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी यह बात साफ है। वह अपने साथी के साथ बाइक की पिछली सीट पर बैठकर वहां से कई बार निकलता दिखा। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला है कि वह हत्या के बाद कर्नाटक से भाग गया था और मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में छिपा रहा। जब पुलिस ने मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की, तब वह पहली बार कर्नाटक लौटा था।

पिता ने अपने पुत्र को बताया निर्दोष
पुरुषोत्तम वाघमारे के पिता अशोक वाघमारे ने अपने बेटे की गिरफ्तारी की खबर सुनने के बाद उसे निर्दोष करार देते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे मारपीट कर कबूलनामा देने को मजबूर किया होगा। बर्तन बेचने का धंधा करने वाले अशोक ने अपने बेटे के खिलाफ लगे सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनका बेटा धार्मिक प्रवृत्ति का है और वह कभी अपराधी नहीं हो सकता। न्यायालय में सुनवाई होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।

पुलिस ने पहले भी किया था गिरफ्तार
कॉमर्स के स्नातक पुरुषोत्तम वाघमारे को इससे पहले साल 2012 में सिंदड़ी पुलिस ने उस वक्त पाकिस्तान का झंडा फहराने के आरोप में भी गिरफ्तार किया था।

हमें न्याय नहीं मिला : उमादेवी
उधर, प्रो. एमएन कलबुर्गी के परिजनों ने गौरी लंकेश हत्याकांड में हुई इस गिरफ्तारी से अनभिज्ञता जताते हुए कहा है कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है और वे अभी भी प्रो कलबुर्गी के हत्यारों को गिरफ्तार किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। प्रो. कलबुर्गी की पत्नी उमादेवी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि कौन पकड़ा गया है और उनके पति की हत्या के मामले की कौन जाँच कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी ने उनसे संपर्क नहीं किया और वे आज भी न्याय की प्रतीक्षा में हैं। उमादेवी ने कहा कि उनके पति की हत्या हुए तीन साल हो गए। अदालत की शरण में जाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब नई सरकार आई है तो शायद इस मामले में भी कोई नया मोड़ आएगा।