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अपने अंतर्मन में जैनत्व उतारें

आज का युग भाषायी युग है
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jaini

अपने अंतर्मन में जैनत्व उतारें

तीसरी वह आउटर शिक्षा के साथ-साथ भाषायी शिक्षा को ग्रहण करता है।

चामराजनगर. गुंडलपेट स्थानक में साध्वी साक्षी ज्योति ने कहा कि जैन वह है, जिसके अंदर चार क्वालिटी होती है। पहली जो जैन होगा वह न्याय प्रिय होगा।

जो पैसों के लिए समाज और देश के साथ गद्दारी नहीं करता। सत्य को सत्य, गलत को गलत मानता है। प्रमाणिक और ईमानदारी का जीवन जीता है। दूसरी जो अपनी आदतों के ऊपर ध्यान देता है और अच्छी आदतें रखता है और गलत को छोड़ देता है।

तीसरी वह आउटर शिक्षा के साथ-साथ भाषायी शिक्षा को ग्रहण करता है। आज का युग भाषायी युग है। बाहर की पढ़ाई करना भी लाजमी है। क्योंकि कॅरियर बनाना है।

लेकिन बाहरी शिक्षा तब तक अधूरी है जब तक भाषायी शिक्षा नहीं है। इसके लिए संतों के पास आना पड़ेगा। इसके लिए जरूर.ी है कि जब भी अवकाश हो संतों के प्रवचन सुनने अवश्य जाएं। संचालन आनन्द गन्ना ने किया।

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