
हैदराबाद-कर्नाटक के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध: कुमारस्वामी
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने हैदराबाद-कर्नाटक मुक्ति संघर्ष में भाग लेने वाले आंदोलनकारियों के त्याग व बलिदान की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि गठबंधन सरकार इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री सोमवार को कलबुर्गी में हैदराबाद-कर्नाटक मुक्ति दिवस समारोह में तिरंगा ध्वज फहराने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत हालांकि 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गया था लेकिन गुजरात के जूनागढ़, हैदराबाद के निजाम व कश्मीर जैसे प्रांत भारतीय संघ से बाहर रहे। हैदराबाद के निजाम उस्मान अली खान ने भारतीय संघ में विलय से इनकार कर दिया। स्वामी रमानंद तीर्थ की अगुवाई में छेड़े गए मुक्ति आंदोलन व तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की अगुवाई में छेड़ी गई पुलिस की कार्रवाई के बाद 17 सितंबर 1948 को लंबे संघर्ष के बाद इस क्षेत्र को भारतीय संघ में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
उन्होंने कहा कि इस क्षेेत्र के 31 में से 28 तालुक अत्यंत पिछड़े थे लिहाजा संविधान के अनुच्छेद 371 में संशोधन करके इस क्षेत्र को विशेेष दर्जा दिया गया। इससे इस क्षेत्र के 20 हजार से अधिक शिक्षित युवकों को सरकारी रोजगार मिला और क्षेत्र के युवाओं को मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आरक्षण की सुविधाएं मिली हैं। हैदराबाद-कर्नाटक क्षेेत्रीय विकास बोर्ड को अब तक कुल 2880 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं जिसमें से 2411.41 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस क्षेत्र में सरकारी कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए वरीयता के आधार पर कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कलबुर्गी में हवाईअड्डे पर परीक्षण उड़ानों के सफल रहने पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे क्षेेत्र में पर्यटन, व्यापार व उद्योग तथा निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्थानीय नेताओं के साथ चर्चा कर क्षेेत्र की समस्याओं को दूर किया जाएगा। इजरायल कृषि पद्धति को प्रायोगिक तौैर पर 8 जिलों में लागू किया जाएगा जिसमें इस क्षेत्र ेके कोप्पल व यादगीर जिलों को भी शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बौद्ध, मुस्लिम तथा जैन स्मारकों की भरमार है लिहाजा यहां पर पर्यटन की विपुल संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए पर्यटन विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अजा-जजा वर्ग के डिग्रीधारियों को प्रतियोगी परीक्षाओं ंके लिए प्रशिक्षण देने के लिए कलबुर्गी में प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की जाएगी। चीन के साथ प्रतिस्पर्धा योजना के तहत बीदर में कृषि उपकरण, कलबुर्गी में सौर ऊर्जा उत्पाद, तथा बल्लारी में वस्त्र उद्योग क्लस्टर्स की स्थापना की जाएगी। इस क्षेत्र के विकास के लिए जो जो कदम उठाने चाहिए वे तमाम कदम उठाए जाएंगे।
इस मौके पर जल संसाधन मंत्री डी.के.शिवकुमार, जिला प्रभारी मंत्री प्रियांक खरगे सहित अनेक नेता उपस्थित थे। बाद में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी व अन्य नेताओं ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री ने संत सेवालाल संस्कृति केन्द्रों की स्थापना की योजना का भी आगाज किया और जिले के अफलजलपुर तालुक में सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा कर फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया।
Published on:
17 Sept 2018 11:22 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
