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नमस्कार महामंत्र का सवा करोड़ जाप शुरू

प्रारंभ में नमस्कार महामंत्र के पट्ट, क्षेत्रपाल व माणिभद्र की स्थापना की गई

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नमस्कार महामंत्र का सवा करोड़ जाप शुरू

बेंगलूरु. वासुपूज्य स्वामी जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ में आचार्य नयचंद्र सागर सूरीश्वर आदि ठाणा व साध्वी नम्रव्रता आदि ठाणा की निश्रा में नमस्कार महामंत्र का सवा करोड़ जाप अनुष्ठान शुरू हुआ। आचार्य ने कहा कि कागज पर लिखा हुआ कभी मिट भी सकता है। बोला हुआ कभी भूल भी सकता है, किंतु जिसे आत्मसात ही कर लिया गया हो, वह फिर कभी हमें बिछड़ता नहीं है। भवों भव तक साथ रहता है। प्रारंभ में नमस्कार महामंत्र के पट्ट, क्षेत्रपाल व माणिभद्र की स्थापना की गई। आराधकों को नमस्कार मंत्र का भाव चित्र दिया गया। गौतम लब्धि तप की आराधना उत्साहपूर्वक चल रही है।


सांस्कृतिक जड़ों को ना भूलें : विट्ठलमूर्ति
बेंगलूरु. विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ अपनी संस्कृति तथा परंपराओं के संस्कारों का सिंचन भी आवश्यक है। ऐसे संस्कार ही हमें सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखते हैं। सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आई. एम. विट्ठलमूर्ति ने यह बात कही।

कन्नड़ साहित्य परिषद के सभागार में शुक्रवार को वर्ष 2017-18 के प्रतिभा पुरस्कार वितरण समारोह में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि संस्कारित होने का मतलब अंधश्रद्धालु बनना नहीं है। हमारी संस्कृति ने हमें हर चीज को तार्किकता की कसौटी पर कस कर ही स्वीकृत करने की शिक्षा दी है। तार्किक बुद्धि के विकसन के लिए हमें साहित्यकारों के विचार प्रवर्तक साहित्य का अध्ययन करना चाहिए। ऐसा अध्ययन ही हमारे जीवन को सार्थक बना सकता है।

उन्होंने कहा कि पुराने जमाने की तुलना में हमारे पास अब अद्यतन सुविधाओं की कोई कमी नहीं है। लेकिन ऐसी सुविधाओं के बावजूद लोगों में संवादहीनता बढ़ती जा रही है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि परिजनों की व्यस्तता के कारण परिवारों के सदस्यों के बीच भी संवाद नहीं हो रहा है। यह स्थिति घातक है। अभिभावक बच्चों को केवल सुविधाजनक उपकरण मुहैया करने की होड़ में लगे हुए हैं। लेकिन बच्चों को संस्कार देना भूल रहे हैं।

कन्नड़ साहित्य पारिषद के अध्यक्ष मनू बालिगार ने कहा कि कन्नड़ साहित्य परिषद की ओर से प्रति वर्ष परिषद की ओर से संचालित विभिन्न परीक्षाओं के अलावा दसवी तथा बारहवी कक्षा में कन्नड़ माध्यम में अध्ययन कर अधिकतम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया जा रहा है। अबकि बार इस पुरस्कार के लिए राज्य के विभिन्न जिलों के 70 विद्यार्थियों का चयन किया गया है।